नींदड़ू। शुक्रवार रात बिजली सप्लाई में व्यवधान के चलते 13 गांवों के करीब 6000 उपभोक्ता गर्मी से बेहाल रहे। आधी रात के बाद बिजली आने जाने के सिलसिले से नींद में बार-बार खलल पड़ा तथा ग्रामीण सकून से सो नहीं पाए।
शासन की ओर से ग्रामीण अंचलों के लिए रोजाना 18 घंटे बिजली सप्लाई के आदेश हैं, लेकिन काफी समय से विद्युत आपूर्ति में न केवल कटौती की जा रही है, बल्कि कंट्रोल रूम लखनऊ से बिजली आने जाने का कोई शिड्यूल भी निर्धारित नहीं है। जब तब बिजली आती जाती रहती है। शुक्रवार की रात करीब 11 बजे बिजली चली गई और फिर कुछ मिनटों के लिए आने और आधा घंटे से ज्यादा समय के लिए गायब रहने का सिलसिला शुरू हो गया।
तीन दिन पहले भी इसी तरह की बिजली सप्लाई ने उपभोक्ताओं को परेशान किया था। 5:10 बजे रात के बिजली आपूर्ति बहाल हुई। इस दौरान नींदड़ू खास, बाजीदपुर-बीरू, मोहम्मद अलीपुर भिक्कन, अंथाई शेख, मनकुआ, बख्शनपुर और शेरपुर कलिया समेत नींदड़ू बिजली घर से संबंधित 13 गांवों के करीब 6000 हजार उपभोक्ताओं के घरों की बिजली गुल रहने से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इंवर्टरों के ज्यादा समय तक कार्य नहीं करने से स्थिति और खराब हो गई। इसरार, नसीम, साजिद, अनीस और आसिफ का कहना है कि गर्मी से बेहाल बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का छोटे घरों में रुकना मुहाल हो गया तथा वे रात में चैन से सो नहीं पाए।
उन्होंंने मनमानी कटौती करने की बजाय विद्युत विभाग से शिड्यूल के मुताबिक बिजली सप्लाई देने की मांग की है। बिजलीघर के प्रभारी अवर अभियंता उमेश अग्रवाल ने बताया कि विद्युत आपूर्ति कंट्रोल रूम लखनऊ से नियंत्रित की जाती है। जितनी बिजली ऊपर से आती है, उतनी सप्लाई की जाती है।