चुनाव सीजन में पकड़ी 52 हजार लीटर शराब
बिजनौर। चुनावी सीजन में अवैध शराब की तस्करी रोकने पर खास जोर रहा। फिर भी महीने भर में अलग-अलग टीमों ने एक करोड़ से ज्यादा की अवैध शराब को पकड़ा है। 52 हजार लीटर शराब जिले की आठों विधानसभा क्षेत्रों में पकड़ी गई।
चुनाव में शराब परोसे जाने की प्रबल आशंका रहती है। जिसे लेकर चुनाव आयोग ने पहले ही दिशा निर्देश जारी कर दिए थे। चुनाव में चेकिंग करने वाली टीमें सिर्फ नकदी पकड़ने पर ही जोर नहीं दे रही थीं बल्कि शराब को लेकर भी सतर्कता बरती जा रही थी। खासकर खादर इलाकों में दबिश भी दी गई। कई स्थानों पर कच्ची शराब की भट्ठियां भी चलतीं मिली। जिन्हें नष्ट कराया गया और शराब बरामद की गई। साथ ही उत्तराखंड की सीमा पर भी शराब की तस्करी को रोकने के लिए खास इंतजाम किए गए थे। हाईवे के साथ साथ उत्तराखंड से जोड़ रहे कच्चे रास्तों पर भी टीमों की निगाह बनी हुई थी। नतीजा ये हुआ कि आठ जनवरी से 12 फरवरी तक करीब एक करोड़ रुपये की शराब पकड़ी गई।
तीन टीमों ने चलाया था अभियान
चुनाव में मतदान होने से पहले तक चले एक महीना के अभियान में आबकारी विभाग, पुलिस विभाग और व्यय अनुवीक्षण टीम लगी हुई थी। जिसमें पुलिस की टीमों ने सबसे ज्यादा शराब पकड़ी, दूसरे नंबर पर आबकारी विभागा रहा जबकि तीसरे नंबर पर व्यय अनुवीक्षण टीम रही।
विधानसभा बरामद शराब बाजार मूल्य
बिजनौर 8411 1685067
नजीबाबाद 6278 1255600
नहटौर 3136 627200
नगीना 2158 431600
धामपुर 2971 596660
बढ़ापुर 22369 4494464
नूरपुर 3039 618200
चांदपुर 4339 867800
कुल 52753 10576591
नोट: शराब की मात्रा लीटर मेें है। बाजार मूल्य रुपये में है।
----- कोट
चुनाव के दौरान एक महीने तक अभियान चलाया गया है। जिसमें अधिकांश कच्ची शराब पकड़ी गई है। देशी शराब से तुलना करते हुए मूल्य का आकलन किया गया है। करीब एक करोड़ रुपये की शराब पकड़ी गई है - जीसी शर्मा, जिला आबकारी अधिकारी