भाकियू (भानु गुट) ने मंगलवार को एसडीएम कार्यालय पर प्रदेश और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने दोनों सरकारों को किसान विरोधी बताते हुए लोकसभा चुनाव में एक होकर पटखनी देने का संकल्प ग्रहण किया। एसडीएम को प्रधानमंत्री को संबोधित सात सूत्री ज्ञापन सौंपा।
भाकियू के जिला उपाध्यक्ष रामरतन सिंह सिसौदिया के नेतृत्व में किसान बड़ी संख्या में एसडीएम कार्यालय पहुंचे और प्रदेश एवं केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि सरकार को सांसदों और विधायकों के वेतन और सुख सुविधाएं उपलब्ध कराने की चिंता है। बाकी जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने से कोई सरोकार नहीं है। मनमाने तरीके से कैबिनेट में आदेश पारित कर किसानों का शोषण करने पर तुली है। रोजगार की मांग करने पर युवा लाठियां खाने को मजबूर है। शिक्षामित्रों एवं समायोजित शिक्षकों के साथ बदले की भावना से उनका उत्पीड़न कर रही है। प्रधानमंत्री को संबोधित सात सूत्री मांग पत्र में गन्ने की भुगतान 14 दिन में कराने, बिजली बिलों की बढ़ी दरों को निरस्त करने, सभी बैंकों में किसानों का शत प्रतिशत कर्जा माफ करने, 60 साल की आयु पार चुके किसानों को पांच हजार की मासिक पेंशन देने, रामगंगा नदी में हुए कटान का मुआवजा दिलाने, काटी गई आरसी को वापस कराने, बिजली के निजी कुओं का बिल माफ कराने की मांग की। प्रदर्शन में देवेंद्र त्यागी, रविंद्र, पवन कुमार, जयवीर सिंह, महेंद्र, अशोक कुमार राणा आदि शामिल रहे।