फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छह महीने में 41 मिले एड्स के मरीज

विज्ञापन
विज्ञापन
छह महीने में 41 मिले एड्स के मरीज
विज्ञापन

बिजनौर। कोरोना संक्रमण को मात देने वाले जिलेवासी अब तक एड्स को मात नहीं दे पाए हैं। जिले में हर माह एड्स के मरीज मिल रहे हैं। अक्तूबर में ही एड्स के जिले में दस रोगी मिले हैं, जबकि कोरोना का मरीज केवल एक ही मिला था। एड्स के रोगियों की पहचान गुप्त रखकर उनका उपचार किया जा रहा है। जागरूकता के अभियान को भी तेज किया गया है।
एड्स को मात देने के लिए अभियान कई साल से चल रहा है, लेकिन इसे अब भी पूरी तरह कामयाबी नहीं मिल पाई है। एड्स से बचाव के लिए जनता को जागरूक किया जा रहा है और हाल ही के सालों में जनता को भी इसके बारे में काफी पता चला है। इसके बाद भी कहीं न कहीं लापरवाही होने से जनता एड्स का शिकार हो ही जाती है। जिले में इस साल में अब तक एड्स के 41 मरीज मिल चुके हैं। इनमें से सबसे अधिक मरीज जून के महीने में मिले हैं। एड्स के रोगी लगातार मिलने से जनता की लापरवाही भी उजागर हो रही है। इन मरीजों की पहचान को गुप्त रखकर इनका इलाज किया जा रहा है। इनमें कई महिलाएं भी शामिल हैं। एड्स आदि की जांच के लिए जिले में गर्भवती महिलाओं के खून की जांच होती है। उसमें भी कई महिलाएं एचआईवी पॉजीटिव मिल जाती हैं। इनके उपचार में विशेष सावधानी बरती जाती है। ध्यान रखा जाता है कि मां से बच्चे में संक्रमण न जाने पाए।
विज्ञापन

महीना जांच संक्रमित
अप्रैल 1034 06
मई 125 02
जून 1334 12
जुलाई 1823 05
अगस्त 1443 06
सितंबर 2263 10
ऐसे फैलता है एड्स
एड्स रोगी के साथ असुरक्षित यौन संबंध बनाने से, चुंबन के दौरान लार से, रोग ग्रसित व्यक्ति का खून चढ़ने से, एड्स पीड़ित पर प्रयोग सु्ईं या ब्लेड दूसरे व्यक्ति पर प्रयोग करने से।
ऐसे रोकें एड्स को
जीवन साथी के प्रति ईमानदार रहें। एक से अधिक यौन संबंध होने पर कंडोम प्रयोग करें। किसी पर प्रयोग सीरिंज या ब्लेड इस्तेमाल न करें। एड्स पीड़ित महिलाएं गर्भधारण न करें।
विज्ञापन

सावधानी बरतकर रहें दूर
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. बीएस रावत के अनुसार एड्स को रोकना खुद की जागरूकता पर निर्भर है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है। सावधानी बरतकर इससे दूर रहा जा सकता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें