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शिक्षक भाइयों से मांगी 22 लाख की रंगदारी

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बिजनौर में स्योहारा में रंगदारी मांगने वाले पकड़े गए तीन आरोपियों के बारे में जानकारी देते एसपी ? - फोटो : BIJNOR
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शिक्षक भाइयों से मांगी 22 लाख की रंगदारी
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बिजनौर। स्योहारा पुलिस व स्वॉट टीम ने सुनील भाटी गैंग के नाम पर शिक्षक भाइयों से 22 लाख की रंगदारी मांगने वाले तीन लोगों को दबोचा है। इनका एक साथी अभी फरार है। जिस मोबाइल से रंगदारी मांगी गई थी, वह भी पुलिस ने बरामद कर लिया है।
एसपी डा. धर्मवीर सिंह के मुताबिक स्योहारा थाने के गांव कासमाबाद निवासी सोमपाल व देवेंद्र सिंह दो भाइयों ने 12 सितंबर को स्योहारा थाने पहुंचकर पुलिस को बताया कि एक व्यक्ति ने अपने को सुनील भाटी गैंग का सदस्य बताकर उन दोनों से 22 लाख की रंगदारी मांगी है। सात सितंबर को डाक से पत्र भेजकर व नौ सितंबर को मोबाइल पर रंगदारी मांगी। रंगदारी नहीं देने पर जान की धमकी दी। इस मामले में स्योहारा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। स्योहारा पुलिस के साथ स्वॉट टीम को रंगदारी मांगने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के एसपी ने निर्देश दिए। स्योहारा थाने के गांव लांबाखेड़ा निवासी विजय कुमार, गजेंद्र सिंह, मुरादाबाद जिले के ठाकुरद्वारा थाना क्षेत्र के गांव सरकड़ा परमपुर निवासी नन्हे व मुरादाबाद जिले के डिलारी थाने के गांव रहटा माफी निवासी गौरव के जांच के दौरान रंगदारी मांगने में नाम प्रकाश में आए। पुलिस ने सोमवार को फव्वारा चौक स्योहारा से विजय को दबोच लिया। उसकी निशानदेही पर वह मोबाइल बरामद हो गया जिससे रंगदारी मांगी गई थी। मोबाइल विजय ने खेत के पास जमीन में दबा रखा था।
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मंगलवार को पुलिस ने लांबाखेड़ा मोड़ से नन्हे व गौरव को भी दबोच लिया। पुलिस फरार गजेंद्र की तलाश में जुटी है। पकड़े गए विजय ने पुलिस को बताया कि फरार गजेंद्र उसके चाचा हैं। गजेंद्र ने उसे बताया कि सोमपाल व उसके भाई अरविंद व देवेंद्र अध्यापक हैं। उनकी पत्नी भी शिक्षिका हैं। इनके पास जमीन के साथ पैसा भी है। जरा भी धमकी देने पर ये लाखों रुपये दे देंगे। चाचा गजेंद्र ने इस काम के लिए एक सिम व मोबाइल का इंतजाम करने को कहा। विजय ने अपने दोस्त नन्हें से इस काम के लिए संपर्क किया। नन्हे ने उसे बताया कि आरोपी गौरव फर्जी सिम दिला सकता है। वह आइडिया कंपनी में सिम कार्ड का रिटेलर है। विजय ने जसपुर से एक मोबाइल फोन खरीदा। सिम लेकर चाचा गजेंद्र के पास पहुंचा। चारों ने तय किया कि सोमपाल से रंगदारी मांगकर रुपये आपस में बांट लेंगे। 31 अगस्त को चाचा गजेंद्र ने उसे बोलकर धमकी भरा पत्र लिखवाया। पत्र नूरपुर से सोमपाल के घर डाक से भेज दिया। गजेंद्र ने नौ सितंबर को सोमपाल को धमकी भरा फोन करने को कहा। उसने मोबाइल से कॉल करके सोमपाल से 22 लाख की रंगदारी मांगी।
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