अमरोहा। नगर क्षेत्र में रहकर पशुपालन करने वाले 40 पशुपालकाें के खिलाफ नगर पालिका ने सीजेएम कोर्ट में चालान भेज दिए हैं। इससे पहले शहर की सीमा में पशुपालन न करने को लेकर पालिका ने 114 लोगों को नोटिस भेजे थे। अब अंतिम नोटिस भेजे जाने की तारीख से कोर्ट के निर्णय तक पशुपालकों को 500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना भरना होगा।
पशुओं के गोबर और बचे हुए चारे के कारण होने वाली गंदगी से शहर को मुक्त कराने के लिए शासन ने नगर क्षेत्र की सीमा में पशुपालन को तीन माह पहले ही प्रतिबंधित कर दिया है। शासनादेश के बाद नगर पालिका ने शहर में रहकर पशुपालन करने वाले 114 लोगों को चिह्नित किया था।
इसके बाद शहर में पशुपालन नहीं करने को लेकर पशुपालकों को नोटिस भेजे गए। पालिका ने पशुओं को शहर से बाहर ले जाने को लेकर पशुपालकों को एक माह का समय दिया था। तब से पालिका पशुपालकों को तीन-तीन नोटिस भेज चुकी है। लेकिन इसका पशुपालकों पर कोई असर नहीं पड़ रहा है।
नगर पालिका ने 40 पशुपालकों के चालान सीजेएम कोर्ट को भेज दिए हैं। पशुपालकों को अंतिम नोटिस भेजे जाने की तारीख से कोर्ट का फैसला आने तक 500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना भरना होगा।
शासन की मंशा के अनुरूप कर रहे काम
अमरोहा। चेयरमैन शशि जैन ने कहा कि पशुपालकों को शहर की सीमा से बाहर पशुपालन करने को कहा गया था। उन्हें नोटिस भेजकर एक माह का समय भी दिया था। शासन की मंशा के अनुरूप शहर को गंदगी से मुक्त कराया जा रहा है। अभी कुछ और पशुपालकों को चिह्नित किया जा रहा है। उन्हें भी नोटिस भिजवाएंगे। 40 लोगों के चालान भेजे हैं और कुछ और पर कार्रवाई की जाएगी। लोगों को चाहिए कि शहर को स्वच्छ बनाने में सहयोग करें।