नजीबाबाद। उप निबंधक कार्यालय में प्रत्येक रजिस्ट्री पर कमीशन वसूली के आरोप को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। आर्थिक शोषण के शिकार किसानों के लिखित बयान मिलने के बाद जांच शुरू होगी। फिलहाल एसडीएम ने उपनिबंधक कार्यालय से संबद्ध कर्मचारियों की सूची तलब की है।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह के नेतृत्व में भाकियू कार्यकर्ताओं ने बुधवार को उपनिबंधक कार्यालय पर जमकर हंगामा किया था। भाकियू जिलाध्यक्ष ने रजिस्ट्री के नाम पर किसानों और आम नागरिकों का आर्थिक शोषण का विरोध किया था। साथ ही उपनिबंधक को उनके ही कार्यालय में बंधक बनाकर प्रशासन को मामले से अवगत कराया था। मौके पर पहुंचे एसडीएम एसके सिंह, सीओ अरुण कुमार ने किसानों के आरोपों को सुना और उपनिबंधक प्रीति विक्रम से उनका पक्ष जाना।
भाकियू कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के एक कर्मचारी पर आरोप लगाया कि उसने 10,500 रुपये सुविधा शुल्क लिए, जो बाद में लौटाए गए। दो महिलाओं के बैनामों पर बाबुओं द्वारा हजारों रुपये सुविधा शुल्क की मांग को लेकर किसानों ने प्रदर्शन कर कार्यालय कर्मचारियों को बंधक बना लिया था। हालांकि उपनिबंधक प्रीति विक्रम ने आरोपों को गलत बताया, मगर भाकियू कार्यकर्ताओं के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने जांच कर कार्रवाई की मांग की। एसडीएम ने बताया कि भाकियू जिलाध्यक्ष को उन किसानों के लिखित बयान दर्ज कराने के लिए कहा गया है, जिनसे रजिस्ट्री के नाम पर सुविधा शुल्क वसूला गया। उन्होंने बताया कि कार्यालय में कितने कर्मचारी हैं, और किस किस पटल पर काम कर रहे हैं, इस संबंध में जानकारी मांगी गई है।