शौचालयों की देखरेख के लिए 2.28 करोड़ आवंटित
बिजनौर। पंचायतों के सामुदायिक शौचालयों में सफाई कर्मचारी रखने को लेकर ग्राम पंचायत तथा राष्ट्रीय आजीविका मिशन में तनातनी सामने आ रही है। इस बीच पंचायतीराज विभाग ने सफाई व्यवस्था के लिए दो करोड़ से अधिक की धनराशि पंचायतों को भेज दी है।
जिले में 1123 पंचायतों में 846 में सामुदायिक शौचालय बने हैं, जिनकी देखभाल की जिम्मेदारी राष्ट्रीय आजीविका मिशन के समूहों को दी गई है। शौचालयों में सफाई कर्मचारी रखे जाने हैं। कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर पंचायतों व राष्ट्रीय आजीविका मिशन में विवाद के मामले आ रहे हैं ।
डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि पंचायतों को अपने क्षेत्र से केवल स्वयं सहायता समूह का चयन करना है। यदि पंचायत में एक से अधिक समूह हैं तो पंचायत किसी एक समूह का चयन करेगी और अनुबंध पत्र समूह को सौंप दिया जाएगा। समूह में से किसे सफाई की जिम्मेदारी सौंपी जानी है, यह तय करने का काम समूह का है। पंचायतों को इसमें कोई दखलंदाजी नहीं करनी है।
उन्होंने बताया कि समूह को सफाई कर्मचारी के मानदेय के लिए छह हजार रुपये दिए जाएंगे। समूह को तीन हजार रुपए सफाई के उपकरण व सामान खरीदने के लिए दिए जाएंगे। कुल नौ हजार रुपये मिलेंगे। बताया कि 1123 पंचायतों में से 846 पंचायतों में सामुदायिक शौचालय बने हैं। इनमें प्रति पंचायत 9000 रुपए प्रति माह के हिसाब से तीन माह की दो करोड़ 28 लाख से अधिक की धनराशि खातों में भेज दी गई है।