कैमरे की निगरानी में होंगी मदरसा बोर्ड की परीक्षाएं
बिजनौर। मदरसा बोर्ड की परीक्षाएं तीसरी आंख की निगरानी में होंगी। प्रशासन ने यूपी बोर्ड परीक्षा की तर्ज पर मदरसा बोर्ड परीक्षा की व्यवस्थाएं की हैं। परीक्षाएं नौ केंद्रों पर 4500 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इसके लिए जिले को नौ सेक्टर व पांच जोन में बांटा गया है। तहसीलों के एसडीएम जोनल मजिस्ट्रेट बनाए गए हैं। परीक्षा पर निगाह रखने के लिए स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। सीडीओ ने शांतिपूर्वक परीक्षा कराने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
सीडीओ प्रवीण मिश्र ने कलक्ट्रेट के सभागार में अधिकारियों की बैठक लेकर मदरसा छात्रों की परीक्षा कराने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने शासन से आए निर्देशों का पालन करने को कहा तथा जिला अल्प संख्यक कल्याण अधिकारी से अब तक की गई तैयारी के बारे में मालूम किया। इस मौके पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार मिश्र के अनुसार मदरसा बोर्ड की परीक्षा 11 फरवरी से शुरू है। जिले में नौ परीक्षा केंद्र हैं। मदरसों के 200 शिक्षक कक्ष निरीक्षक हैं। जिन इंटर कालेजों में परीक्षा केंद्र हैं उनके प्रधानाचार्य की भी ड्यूटी परीक्षा में लगाई गई है।
प्रवेश पत्र भेजे
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार मिश्र के अनुसार शासन से परीक्षा के प्रश्न पत्र मिल गए हैं। परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं, छात्रों के प्रवेश पत्र, उपस्थिति प्रपत्र, डेस्क स्लिप आदि मदरसों को भेज दिए गए हैं। मदरसों के हेडमास्टर छात्रों को समय से प्रवेशपत्र बांटना सुनिश्चित करें।
संकलन केंद्र बनाए गए
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के अनुसार जीआईसी बिजनौर, केएम इंटर कालेज धामपुर तथा शकुंतला इंटर कॉलेज चांदपुर को उत्तर पुस्तिकाओं का संकलन केंद्र बनाए गए हैं। केंद्र व्यवस्थापक प्रधानाचार्य निर्देशों के अनुसार संकलन की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
ये हैं मदरसा परीक्षा केंद्र
गीता इंटर कॉलेज बिजनौर, मदनी पब्लिक इंटर कालेज किरतपुर, मदरसा फारुख उलूम स्कूल साहनपुर, मदरसा फैजुल कुरआन नगीना, राधा इंटर कालेज धामपुर, अब्दुल रजाक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अफजलगढ़, एमक्यू इंटर कालेज स्यौहारा, आइडियल पब्लिक गल्स इंटर कालेज चांदपुर, न्यू हैवन इंटर कालेज नूरपुर।
मदरसा शिक्षकों ने मांगा मानदेय
अखिल भारतीय मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक संघ बिजनौर इकाई के पदाधिकारी व सदस्य जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रवीण मिश्र से मिले। उनका कहना था कि मदरसे के शिक्षकों को 66 माह तक का मानदेय नहीं मिला है। शिक्षकों ने उन्हें कक्ष निरीक्षक ड्यूटी का पारिश्रमिक दिलाने की मांग की है।