नजीबाबाद। राष्ट्रीय राजमार्ग पर अनियंत्रित वाहन की टक्कर से दरगाह की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। दरगाह परिसर में रह रहा मुतवल्ली का परिवार घटना में बाल-बाल बच गया। मुतवल्ली ने प्रशासन से नगर के बीच संकरे हाईवे से भारी वाहनों का आवागमन रोकने की मांग की।
नजीबाबाद-हरिद्वार मार्ग पर सैकड़ों वर्षों पुरानी सैय्यद बादशाह की दरगाह स्थित है। इसकी देखरेख करने मुतवल्ली महमूदुल हसन और उनका परिवार दरगाह परिसर में ही रहते हैं। देर रात एक वाहन की टक्कर से दरगाह की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। उस समय महमूदुल हसन के परिजन दरगाह में ही थे। दीवार का कुछ मलबा भीतर की ओर गिरने से परिवार में अफरातफरी मच गई। संयोग से सभी सकुशल बच गए। घटना की जानकारी मिलने पर डॉ. एसके जौहर, अमित ग्रोवर, मो. आसिफ, सलीम सहित कुछ लोगों ने दरगाह पर पहुंचकर दरगाह में रह रहे लोगों की कुशलक्षेम ली। महमूदुल हसन ने कहा कि दरगाह के सामने से गुजर रहा हाईवे संकरा है और यहां टर्न है। इसके बावजूद दोनों दिशाओं में भारी वाहन काफी तेजी से गुजरते हैं। तेज हॉर्न के साथ वाहनों की तेज गति से उनकी सांसें अटकी रहती हैं। महमूदुल हसन ने प्रशासन से मिलकर भारी वाहनों की आवाजाही पर अंकुश लगाने की अपील की। नागरिकों डॉ. एसके जौहर, विष्णुचंद गुप्ता आदि ने भारी वाहनों को बाईपास मार्गों से गुजारने की मांग की।