मां की ममता दे गई चार को जिंदगी
नहटौर। एक मां ने अपनी ममता का ऐसा फर्ज निभाया कि अपनी जिंदगी गंवा कर चार बच्चों को जीवनदान दे दिया। इस महिला के साहसिक कदम के दम पर ही बच्चे बच पाए। महिला ने मकान में धमाके से पहले अपने चारों बच्चों को एक चादर में लपेटकर बाहर की ओर फेंक दिया, जिससे बच्चों को जान तो बच गई लेकिन महिला मौत के आगोश में चली गई । महिला का शव नहटौर पहुंचा तो सबकी आंखें नम हो गईं। गमगीन माहौल में शव को दफना दिया गया है।
नहटौर के मोहल्ला तकिया गढ़ी पूर्वी निवासी नबील अहमद पिछले कई वर्षों से अपने भाइयों पत्नी व बच्चों के साथ दिल्ली के लोनी इलाके में रहकर बेकरी चलाता है। जिस मकान में वह परिवार के साथ रहता था, उसी मकान के निचले हिस्से में बेकरी संचालित है। पहली मंजिल पर उसका परिवार व दूसरी मंजिल पर बेकरी में कार्य करने वाली लेबर थी। मोहल्ले वासियों के मुताबिक बुधवार की देर शाम को इलेक्ट्रानिक ओवन मशीन में बिजली के शॉट सर्किट से आग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग लगने का पता लगने पर आसपास के लोगों मौके पर बचाव कार्य शुरू किया। इसी दौरान बेकरी मशीन में जबरदस्त ब्लास्ट हुआ और गाटर पिघलकर गिरने लगे। इस बात का पता लगने पर दूसरी मंजिल पर मौजूद नबील उसके भाई नसीम व नदीम तथा लेबर ने कूदकर अपनी जान बचाई, लेकिन वह सब गंभीर रूप से घायल हो गए। दूसरी मंजिल पर मौजूद नबील की पत्नी फातिमा खातून ने अपनी जान की परवाह किए बगैर अपने बच्चे शाकिब (7), अलीशा (5), आसना (3) व आएशा सवा वर्ष को चादर में लपेटकर उन्हें नीचे फेंक दिया। इन बच्चो की जान बच गई। इस दौरान मकान का ऊपरी हिस्सा गिर गया और फातिमा की मलबे में दबकर मौके पर ही मौत हो गई और नीचे बचाव कार्य में लगे करीब एक दर्जन मोहल्लेवासी सहित घायल हो गए। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने बमुश्किल आग पर काबू पाया तथा कई घंटों तक मलबे में से लोगों को निकाला गया। घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। महिला का शव बृहस्पतिवार की रात में नहटौर लाया गया शुक्रवार की प्रात: को महिला के शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया है।