बिजनौर में वेव ग्रुप की बिजनौर व चांदपुर चीनी मिल द्वारा पिछले पेराई सत्र का गन्ना भुगतान न करने से आक्रोशित किसानों ने बिजनौर चीनी मिल पर भाकियू का बैनर टांग दिया। किसानों ने नारेबाजी करते हुए भुगतान न होने पर ग्रुप के सभी कारोबार पर कब्जे का एलान किया है।
किसान दोपहर को बिजनौर चीनी मिल के गेट पर पहुंचे और नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि ग्रुप के मालिक निरंकुश हो गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 31 दिसंबर तक भुगतान न करने का भी मिल मालिक ने पालन नहीं किया है। कहा कि अब किसान गन्ना भुगतान के लिए आरपार की लड़ाई लड़ेंगे।
इसके लिए किसानों ने वेव ग्रुप के कारोबार को चिंहित करना शुरू कर दिया है। कहा कि किसान बिजनौर व चांदपुर चीनी मिल पर कब्जा तो करेंगे, लेकिन पेराई बंद नहीं कराएंगे। साथ ही वेस्ट यूपी में वेव ग्रुप के शराब, रियल स्टेट आदि के कारोबार पर भी किसान जल्दी ही कब्जा कर लेंगे। कहा कि िकसान के सामने रोटी के लाले हैं। भुगतान न होन के कारण आर्थिक स्थिित खराब होने से खेतीबारी का काम भी प्रभावित है। कहा कि किसान वादा खिलाफी करने वाले नेताओं को भी सबक सिखाएंगे। इस दौरान मंडल महासचिव अतुल कुमार, जिला मीडिया प्रभारी संदीप त्यागी, दीपक तोमर, सिंधुराज, ललित कुमार, शुभम चौधरी, कपिल कुमार आदि मौजूद रहे।
गन्ना मूल्य भुगतान की मांग
नजीबाबाद में भारतीय किसान संघ की मासिक पंचायत में किसानों का बकाया गन्ना मूल्य दिलाने, हाईवे को गड्ढामुक्त बनाने सहित कई मांगें उठीं। ब्लॉक नजीबाबाद परिसर में भारतीय किसान संघ के जिला प्रमुख लालसिंह के नेतृत्व में किसानों की मासिक पंचायत में किसानों की समस्याओं पर चर्चा हुई। ब्लॉक अध्यक्ष मदन गोपाल राजपूत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में किसानों ने वेव ग्रुप से 14 दिन के भीतर किसानों को गन्ना मूल्य भुगतान कराने की मांग की गई। किसानों ने रामनगर से मौज्जमपुर मार्ग पर रपटा निर्माण कराने, बाकरपुर से नवादा पुलिया का नहर पटरी मार्ग पक्का कराने, सहित कई मांगों को प्रशासन को सौंपने का निर्णय लिया। मंत्री रामकुमार के संचालन में आयोजित बैठक में ब्लॉक प्रमुख रजनीश पाल, नरेंद्र आ दि रहे।
‘जब तक भुगतान नहीं होगा तहसील पर डटे रहेंगे’
चांदपुर में भाकियू का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर तहसील पर चल रहा धरना 31वें दिन भी जारी रहा। तहसील की तालाबंदी दूसरे दिन भी जारी रही। किसानों ने धरने पर चुनाव बहिष्कार का बैनर लगा दिया है। शुक्रवार को चौधरी वियजपाल सिंह की अध्यक्षता व कल्याण सिंह के संचालन में चले धरने पर वक्ताओं ने गन्ना भुगतान होने तक तहसील में तालाबंदी रहने व धरने पर डटे रहने का ऐलान किया। वक्ताओं ने कहा कि बकाया गन्ना भुगतान न होने से किसान परेशान है। विद्यालय बच्चों की फीस जमा करने का दबाव बना रहे हैं। बच्चों की परीक्षा भी निकट आ गई है। परीक्षा से पहले विद्यालय फीस जमा करने को कह रहे हैं। बिजली विभाग भी अतिरिक्त शुल्क की बिल पर छूट दे रहे हैं लेकिन इस समय किसान का निज खर्च भी नहीं चल पा रहा है। धरने पर रामपाल सिंह, कुलदीप सिंह, लुधियान सिंह, अशोक कुमार, शीशपाल सिंह, चरन सिंह, सुरेश कुमार, सत्यवीर सिंह, ऋषिपाल सिंह, गजेंद्र सिंह, योगेंद्र सिंह, सुभाष चंद्र, जीतराम सिंह, घनश्याम सिंह, नरेश कुमार, शिवचरन सिंह, बलराम सिंह, सुनील कुमार, डा.रामकुमार, हरिराज सिंह आदि मौजूद रहे। वहीं चांदपुर में अखिल भारतीय किसान सभा की मंडलीय बैठक में वक्ताओं ने किसान समस्याओं पर चिंता व्यक्त की। किसानों से सात फरवरी को धरने पर तहसील पहुंचने का आव्हान किया। अमर सिंह सैनी के आवास पर चौधरी वीर सिंह की अध्यक्षता व तुलाराम के संचालन में हुई बैठक में वक्ताओं ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों को फसलों के लाभकारी दाम नहीं मिल रहे, स्वामी नाथन की रिपोर्ट को लागू नहीं किया जा रहा है। चीनी मिल द्वारा किसानों का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान न होने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। वक्ताओं ने मंडी में आलू की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त की। बैठक में जय सिंह, छोटे सिंह, तेजपाल सिंह, ऋषिपाल सिंह, तुलाराम सिंह, करन सिंह, नेमीशरण फौजी, जोगेंद्र सिंह, बदरूल हसन आदि रहे।
किसानों के साथ प्रशासन की वार्ता हुई विफल
बिजनौर में आजाद किसान यूनियन व जिला प्रशासन की वार्ता विफल हो गई। यूनियन पदाधिकारियों ने भुगतान न मिलने पर चार फरवरी को कलक्ट्रेट में सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी दी है। इससे प्रशासन में भी हड़कंप मचा हुआ है। जिला प्रशासन किसी भी कीमत पर इस आंदोलन को स्थगित कराना चाहता है। शुक्रवार को एक बैंक्वेट हॉल में किसानों व अधिकारियों की बैठक हुई। एसडीएम बृजेश कुमार, जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह, सीओ सिटी महेश कुमार ने किसानों से बात की। उन्होंने कहा कि वे सामूहिक आत्मदाह का आंदोलन टाल दें। कहा कि अपनी बात को रखने को और भी तरीके हैं। लेकिन किसान गन्ना भुगतान पर अड़ गए। बैठक में जिलाध्यक्ष विरेंद्र सिंह, एमपी सिंह, मूला सिंह, हाजी शकील, नीरू पहलवान, संजीव, सतेंद्र सिंह, शीशराम सिंह आदि मौजूद रहे।