अमरोहा। लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद भाजपा की लगातार जीत पर विरोधी दल ईवीएम पर सवाल उठाते रहे हैं। ईवीएम पर छेड़छाड़ का आरोप लगता रहा है। साथ ही विरोधी दल ईवीएम की जगह बैलेट से चुनाव कराने की बात भी करते हैं। लेकिन जब सहायक निर्वाचन अधिकारी के सामने ईवीएम मॉक पोल से रूबरू होने मौका आया तो सवाल उठाने में दिलचस्पी नहीं दिखी।
दरअसल जिला निर्वाचन कार्यालय ने राजनीतिक दल के नेताओं से कलेक्ट्रेट परिसर में सुबह 10 बजे पहुंचने की अपील की। दिन में 11.30 बजे तक नेताओं के नहीं आने पर सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी भरत सिंह ने दोबारा फोन कर आने की अपील की।
नेताओं ने दावा किया कि इसके पहले के इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन की जांच के लिए समय से पहुंच गए थे। लेकिन वहां पर घंटों तक इंतजार करना पड़ा है। हम लोग इस मसले पर संवेदनशील हैं। किसी स्तर की लापरवाही या उदासीनता नहीं है।
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मैं कलक्ट्रेट जाने के लिए निकल रहा था। इसी बीच व्यक्तिगत कार्य आ गया। इसके चलते दल के एक नेता को भेजा था। उनके जाने में देर होने की वजह पता कर रहा हूं। निर्वाचन महत्वपूर्ण कार्य है। ओमप्रकाश गोला, जिलाध्यक्ष, भाजपा
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तबीयत खराब हो गई थी। कार्यालय प्रभारी शाहिद सैफी को भेजा था। मॉक पोल को देखा है। वह दोपहर तीन बजे तक मौजूद रहे। नेतृत्व को अवगत कराया जाएगा। - चौधरी सुखराज सिंह, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
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समय से पहुंच गया था। जिम्मेदारों से कई बार पूछा तो अफसरों ने बताया कि दूसरे दल के नेता नहीं आए हैं। उनका इंतजार कर रहा हूं। किसी तरह की कोई लापरवाही नहीं बरती गई है। - सुखवीर सिंह यादव, जिलाध्यक्ष, सपा
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- किसी कार्यवश बाहर था। कार्यकर्ता रवि को भेजा था। जो अधिवक्ता भी हैं। पार्टी इस मसले पर संवेदनशील है। इसके पहले ईवीएम की जांच के समय 12.30 बजे तक इंतजार करना पड़ा था। - राम अवतार, जिलाध्यक्ष, बसपा