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राजनीतिक दल के नेताओं के सामने ईवीएम का मॉक पोल

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अमरोहा। इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन का मॉक पोल शनिवार को हुआ। कंपनी के इंजीनियर ने नेताओं को मतदान के तरीकों के बारे में बताया। नेताओं ने मशीन के काम करने और बंद होने के बारे में तीखे सवाल पूछे। माकूल जवाब देकर जिज्ञासा को शांत किया। कंट्रोल-बैलेट यूनिट के साथ वीवीपैट को एक साथ लगा कर दिखाया।
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भारत निर्वाचन आयोग के आदेशानुसार शनिवार को मॉक पोल निर्धारित था। कुल 1721 मशीन में से 86 कंट्रोल-बैलेट यूनिट के साथ वीवीपैट को लगाया गया था। कलेक्ट्रेट परिसर में मान्यता प्राप्त आठ राजनीतिक दल के अध्यक्ष और सचिव को उपस्थित रहने की अपील की गई थी।
जिला निर्वाचन कार्यालय ने कांग्रेस, भाजपा, सपा, बसपा, रालोद, भाकपा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी दल के अध्यक्ष और मंत्री को बकायदा पत्र भेजा था। ईवीएम और वीवीपैट परीक्षण के नोडल अधिकारी संजय आनंद ने राजनीतिक दल के नेताओं के सामने ईवीएम से मॉक पोल कराया।
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नेताओं ने ईवीएम और वीवीपैट के बारे में जानकारी हासिल की। क्यों मशीन खराब हो जाती है। इसके संचालन में क्या दिक्कतें आती हैं। कंपनी के इंजीनियर की टीम ने सब कुछ विस्तार से बताया।

ईवीएम से 500 से 1200 मॉक पोल कराया
अमरोहा। जिले में ईवीएम की 1721 मशीन आई है। राजनीतिक दलों को किसी तरह की उलझन न रहें। इसके लिए पांच प्रतिशत यानी 86 मशीन का मॉक पोल कराया गया। कंट्रोल-बैलेट और वीवीपैट को आपस में जोड़ दिया गया था। कुल पांच प्रतिशत मशीन का मॉक पोल कराया गया। इसमें एक प्रतिशत मशीन में 1200-1200 वोट, दो प्रतिशत मशीन में 1000-1000 वोट और दो प्रतिशत मशीन में 500-500 मॉक पोल कराया गया।

ईवीएम के संचलन का वीडियो को डिलीट कराया
अमरोहा। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित बिल्डिंग के हॉल में ईवीएम का कंट्रोल-बैलेट यूनिट के साथ वीवीपैट लगा था। इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद थी। मेटल डिटेक्टर डोर फ्रेम से प्रवेश हो रहा था। इसी बीच एक कर्मचारी ने ईवीएम के संचालन का वीडियो बना लिया। कंपनी के इंजीनियर ने दिन में 11 बजे नोडल अधिकारी को अवगत कराया। नोडल अधिकारी ने उसे हिदायत दी। इसके बाद मोबाइल से वीडियो को डिलीट कराया।
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