बिजनौर । यूनीसेफ से आई मनीषा दास ने धर्मनगरी और भनेड़ा के कस्तूरबा आवासीय बालिका स्कूलों में पहुंच कर अंग्रेजी शिक्षा का हाल जाना। मनीषा दास ने धर्मनगरी में बालिकाओं के साथ दो घंटे बिताए और अंग्रेजी के गुर भी सिखाए।
जिले में 14 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय चल रहे हैं। इन स्कूलों में शिक्षा का स्तर उठाने के लिए यूनीसेफ की ओर से कई कार्यक्रम चलाए जा रहे है। बृहस्पतिवार को यूनीसेफ की ओर से मनीषा दास ने धर्मनगरी के स्कूल पहुंच कर बालिकाओं की अंग्रेजी बोलने की क्षमता की जांच की। उन्होंने बालिकाओं को करीब दो घंटे तक अंग्रेजी के गुर भी सिखाए। उन्होंने स्कूल के स्टाफ को शिक्षा का अच्छा माहोल तैयार करने के लिए भी कई जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वह कस्तूरबा स्कूलों की शिक्षा का स्तर देखने के बाद यूनीसेफ को अपनी रिपोर्ट भेजेंगी। इसके बाद उन्होंने किरतपुर के गांव भनेड़ा पहुंच कर कस्तूरबा गांधी बालिका स्कूल में भी बालिकाओं से बात की। इस दौरान जिला समन्वयक बालिका शिक्षा उमा पाल भी उनके साथ रही। 15 दिसंबर को भी जिले के अन्य कस्तूरबा स्कूलों में बालिकाओं की अंग्रेजी बोलने की क्षमता को जांचेंगी।