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मतगणना स्थल पर रही अव्यवस्था

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मतगणना स्थल पर रही अव्यवस्था
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बिजनौर। निकाय चुनाव में मतगणना केंद्र पर अव्यवस्था रही। राउंड बार मतों की सूचना देने के लिए प्रशासन की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। मतगणना में लगे अधिकारी मतगणना की सूचना देने की बात एक दूसरे पर टालते रहे। इसके चलते प्रत्याशियों को मिले की सूचना को लेकर आखिरी तक असमंजस की स्थिति बनी रही।
बिजनौर के आरजेपी इंटर कॉलेज मतगणना केंद्र का प्रभारी एसडीएम सदर सत्येंद्र कुमार सिंह को बनाया गया था। एसडीएम को चुनाव संबंधी जानकारी देने की पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। एसडीएम मतगणना के दौरान अलग-अलग कक्षों में घूमते रहे। मतगणना केंद्र पर एसडीएम के बैठने का कोई निश्चित स्थान नही था। एसडीएम की ओर से चुनाव संबंधी जानकारी देने के लिए किसी प्रतिनिधि की नियुक्ति भी नही की गई थी। इसके चलते प्रत्याशी व उनके एजेंट व मीडियाकर्मी मतों के बारे में जानकारी लेने के लिए इधर-उधर भटकते रहे। एसडीएम संबंधी आरओ से जानकारी लेने की बात कहकर टाल रहे थे। जबकि आरओ चुनाव हाईकमान से कोई निर्देश नही होने की बात कह रहे थे। इस प्रकार मतगणना के पूरे समय मतों की जानकारी लेने के बारे असमंजस की स्थिति बनी रही। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर शाम पांच बजे तक जिले की मात्र पांच नगर पालिका व दो नगर पंचायतों के अध्यक्षों के परिणाम ही डाले गए थे। जबकि मतगणना का कार्य करीब चार बजे तक पूरा संपन्न हो गया था। विजयी प्रत्याशियों को देर शाम तक भी प्रमाण पत्र नही दिए गए। मतगणना में लगे अधिकारी परिणामों की फिडिंग करने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे थे।
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हवाई साबित हुए प्रशासन के दावे
प्रशासन ने चुनाव परिणामों की ऑन लाइन फिडिंग लगातार होने की बात कही थी। लेकिन प्रशासन के यह योजना हवाई साबित होती दिखाई दी। देर शाम तक 12 नगर पालिकाओं में मात्र पांच व छह नगर पंचायतों में दो के लिए परिणामों की ऑनलाइन फिडिंग हुई थी। प्रत्याशियों को फिडिंग के बाद विजयी प्रमाण-पत्रों देने की बात कही जा रही थी। जिससे प्रत्याशियों में वेसब्री रही।
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लगातार खनकते रहे फोन
निकाय चुनाव में प्रत्याशियों की जीत हार के नतीजों की जानकारी लेने के लिए लगातार फोन खनकते रहे। जानकारी लेने वालों को बार-बार अधिकारियों द्वारा चुनाव नतीजों व मतों की जानकारी नही दिए जाने की बात कहकर पल्ला छुड़ाया जा रहा था। अधिकारी मतों के बारे में अधिकृत मंजूरी मिलने के बाद जानकारी देने की बात कहते रहे।
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