गिल्ली-डंडा, हथौड़ा, फरसा होंगे चुनाव चिह्न
- चुनाव आयोग ने निर्दलीय उम्मीदवारों के लिए 81 चुनाव निर्धारित किए
अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर।
निकाय चुनाव में इस बार निर्दलीय उम्मीदवार फरसा, हथौड़ा, गुल्ली-डंडा लेकर मैदान में उतरेंगे। चुनाव आयोग ने निर्दलीय उम्मीदवारों के लिए 81 चुनाव चिह्न निर्धारित किए हैं। पहली बार फल, फूल और सब्जियों के नाम वाले चुनाव चिह्न की भरमार है। मतपत्र में देश की सीमा की सुरक्षा में लगा सैनिक भी होगा।
निकाय चुनाव में इस बार मतदाताओं को कई नए चुनाव चिह्न मिलेंगे। फल, फूल और सब्जियों के नाम काफी संख्या में मिलेंगे। हिंदुस्तान का पारंपरिक खेल गुल्ली डंडे को नई पीढ़ी भले ही भूलती जा रही है, परंतु बैलेट पेपर पर गुल्ली डंडा चिह्न देखने के लिए मिलेगा। सब्जी बनाने का भगोना और रिंच भी बना दिखाई देगा। मतपत्र पर बना शहनाई का चुनाव चिह्न, शंख, तीरों का तरकश, तोप, त्रिशूल जैसे हथियार भी हैं। भगवान शंकर का डमरु, अनार, आम, इमली, गाजर, केला, भुट्टा आदि भी शामिल किए गए हैं।
चुनाव आयोग की ओर से 18 मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के लिए चुनाव चिह्न आरक्षित हैं। निर्वाचन आयोग की ओर से अमान्यता प्राप्त तथा तात्कालिक या अनंतिम रूप से सामयिक अर्थात प्रोविजिनल पंजीकृत राजनैतिक दलों के लिए 165 मुक्त प्रतीक चिह्न हैं। चूड़ियां, बेबी वाकर, दूरबीन, बिस्कुट, डबल रोटी, केक, शिमला मिर्च, कलर ट्रे, ब्रुश, डोर बैल, हरी मिर्च, माचिस की डिब्बी, त्रिभुज जैसे चुनाव चिह्न प्रोविजिनल पार्टियों को पहली बार मिलेंगे। सहनिर्वाचन अधिकारी सीताराम के अनुसार तीनों श्रेणी के चुनाव चिह्नों की सूची निर्वाचन अधिकारियों को उपलब्ध करा दी गई है। मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के चुनाव चिह्न निश्चित हैं। तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार के अनुसार नौ नवंबर बृहस्पतिवार को नाम वापसी है। नामांकन पत्र जमा करने वाला दावेदार निश्चित प्रारूप पर नाम वापिस ले सकेगा। दस नवंबर शुक्रवार को चुनाव चिह्न आवंटित होंगे।