एकमुश्त समाधान योजना में 16735 किसान मिले पात्र
बिजनौर। किसानों के लिए शुरू हुई सहकारी समिति एक मुश्त समाधान योजना में 16735 किसान पात्र मिले हैं। किसानों पर समितियों की 116 करोड़ से अधिक की देनदारी है। डिफॉल्टर होने पर किसान के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है।
जिले में 96 सहकारी समितियां हैं। समितियों के एक लाख से अधिक किसान सदस्य हैं। समितियां किसानों को कम दरों पर खाद, बीज तथा नकद लोन उपलब्ध कराती हैं। इसके लिए समितियों में मिनी बैंक संचालित हैं। बताया गया कि किसानों को लोन किश्त में देने की सुविधा है।
सहकारी समितियों के सहायक निबंधक डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि अनेक किसान सदस्यों ने लोन नहीं चुकाया है। शासन ने ब्याज में छूट देते हुए बकाएदार किसान सदस्यों के लिए एकमुश्त समाधान योजना शुरू की है। योजना में किसानों की लोन अवधि के अनुसार तीन श्रेणी हैं। पहली श्रेणी 1997 से पूर्व, दूसरी 1997 से वर्ष 2012 तक तथा तीसरी श्रेणी वर्ष 2012 से 2017 तक की लोन अवधि की है।
बताया कि योजना में 16735 बकाएदार पात्र मिले हैं। इन किसानों पर समितियों की 116.85 करोड़ की देनदारी है। पात्र किसान 31 दिसंबर तक योजना का लाभ उठा सकते हैं। पात्र किसानों को योजना में 30 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक का लाभ है। समितियों द्वारा किसानों को योजना की जानकारी दी जा रही है।