बिजनौर। सरकार युवाओं को उद्यमी बनाने पर जोर दे रहे हैं। इसके लिए सीएम युवा उद्यमी विकास योजना संचालित हैं। लेकिन, बैंकों की उदासीनता की वजह से युवा अपना प्रोजेक्ट शुरू नहीं कर पा रहे हैं। जी हां, 1600 युवाओं ने योजना के तहत ऋण नहीं मिलने से प्रोजेक्ट शुरू नहीं किया।
जिला उद्योग केंद्र में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना में सत्र 2024-25 में अब तक करीब 2500 युवाओं ने आवेदन किया है। इनमें से करीब 900 युवाओं को ही बैंक ने योजना के तहत ऋण दिया। शेष युवाओं को बैंकों ने ऋण मिलने में निराशा हाथ लग रही है।
ऐसे में शून्य रिकॉर्ड वाले बैंकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। उपायुक्त अमित कुमार ने बताया कि योजना के तहत ऋण वितरण करने में लापरवाही बरतने वाले 11 बैंकों के जोनल हेड को चिट्ठी लिखकर कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।
पीएनबर, एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, कैनरा बैंक, इंडियन बैंक, यूनियन बैंक, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक के जोनल हेड को शून्य प्रगति वाले मैनेजर को स्थानांतरित के लिए पत्र भेजा गया है।