बिजनौर। महात्मा विदुर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय प्रशासन की घोर लापरवाही सामने आई है। जी हां, मेडिकल कॉलेज की करीब साढ़े तीन बीघा जमीन पर कब्जा कर लोगों ने फसल बो दी है। राजस्व विभाग की टीम द्वारा निशान लगाने के बाद जमीन पर चहारदीवारी नहीं कराई गई। इसके बाद भी जिम्मेदार मौन हैं।
नजीबाबाद रोड पर स्वाहेड़ी मौजा में मेडिकल कॉलेज बना है। नजीबाबाद तहसील की जमीन भी मेडिकल कॉलेज में है। महात्मा विदुर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के शैक्षणिक परिसर में नर्सिंग कॉलेज के पीछे की जमीन पर चहारदीवारी नहीं है।
गांव मदसूदनपुर देवीदास के गाटा संख्या एक में मेडिकल कॉलेज के भवन हैं। गाटा संख्या एक के शेष भाग पर स्थायी चहारदीवारी नहीं है। इस गाटे की करीब साढ़े तीन बीघा जमीन पर कब्जा है। वहां लोगों ने पहले गेहूं की फसल बो दी थी। अब पशुओं के चारे के लिए बरसीम बोया हुआ है। मार्च 2025 में स्थलीय निरीक्षण कर लेखपाल गिरेंद्र, अस्पताल मैनेजर रोहित कुमार ने कब्जे की जमीन की पैमाइश कर निशान लगा दिए थे। उस समय इस जमीन पर गेहूं की फसल खड़ी थी। निरीक्षण के बाद भी मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जमीन को की चहारदीवारी नहीं कराई। इससे साफ जाहिर है कि जमीन कब्जा मुक्त कराने को लेकर सक्रियता नहीं दिखाई दे रही है। मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों की निष्क्रियता की वजह से जमीन पर कब्जा हो गया।
वहीं, मेडिकल कॉलेज की जिस जमीन पर कब्जा हुआ है। वह मदसूदनपुर देवीदास के गाटा संख्या एक में है। यह जमीन नजीबाबाद तहसील में हैं। जबकि बिजनौर तहसील की जमीन बिल्कुल इससे लगी है।