काटी नही जाएगी गांवों की बिजली
- वसूली को लेकर बैकफुट पर आया विद्युत निगम
- गांवों में लगेंगे वसूली कैंप, ग्रामीणों को किया जाएगा जागरूक
अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर। विद्युत निगम को किसानों की धमकी ने बैकफुट पर ला दिया है। चीफ इंजीनियर के बकाएदार गांवों के सामूहिक कनेक्शन काटने के आदेश धरे रह गए हैं। अब बकाया जमा नहीं करने वालों गांवों की बिजली बंद नहीं होगी। बल्कि गांवों में बकाया वसूली के लिए कैंप लगाए जाएंगे।
अधीक्षण अभियंता सीपी सिह के अनुसार गांवों में बकाया वसूली के लिए कैंपों की संख्या बढ़ाई जाएगी। जिला बिजली बिलों के बकाया वसूली में पिछड़ रहा है। बिजनौर सर्किल के चार डिवीजन के उपभोक्ताओं पर करीब 77 करोड़ बकाया है। जबकि बिलों के जमा करने की आखिरी तारीख 31 मार्च थी। एक सप्ताह पहले मुरादाबाद परिक्षेत्र के चीफ इंजीनियर ने बकाया वसूली को लेकर जिले के अधिशासी अभियंताओं की मीटिंग ली थी। बैठक में बकाया राजस्व बढ़ाने के लिए नौ प्वाइंट बताए गए थे। चीफ इंजीनियर ने साफ तौर कहा था कि जिन गांवों में बिल बिल्कुल जमा नहीं हुए हों उन गांवों की बिजली काट दी जाए।
इस एलान से किसानों में आक्रोश फैल गया था। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने अपनी मांगों को लेकर कलक्ट्रेट में महापंचायत की थी। किसानों का कहना था कि चीनी मिल गन्ने का भुगतान किश्तों में कर रहे हैं। किसान भी बिलों का पेमेंट हर माह एक-एक रुपये जमा करके देंगे। चेतावनी दी गई थी कि गांव में कनेक्शन काटने जाने वाले कर्मचारियों से किसान अपने तरीके से निपटेगा। इसके बाद विद्युत निगम को अपना निर्णय वापस लेना पड़ा। एसई सीपी सिंह के अनुसार फिलहाल बिल जमा नहीं करने वाले गांवों की बिजली नहीं कटेगी। उनका तर्क है कि यदि गांव में एक दो उपभोक्ता ने भी बिल जमा कर दिए है तो उसके साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। इस समय भीषण गर्मी है तथा खेती को पानी की सख्त जरूरत है। एसई के मुताबिक अब गांवों में बकाया वसूली कैंपों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
बिजनौर सर्किल में बिजली बकाया की स्थिति
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1- घरेलू लाइट फैन 44.46 करोड़
2- ट्यूबवेल 10.45 करोड़
3- प्राइवेट स्कूल 10.82 करोड़
4- वाणिज्य 08.13 करोड़
5- चक्की 02.70 करोड़
नोट - सभी आंकडे़ एस ई दफ्तर से लिए गए हैं।