रविदास जयंती पर कई गांवों में निकली शोभायात्रा
धामपुर/ कादराबाद/रेहड़। पुराना धामपुर में संत रविदास कमेटी की ओर से संत शिरोमणी रविदास जी की जयंती पर मंगलवार को हवन का आयोजन हुआ। बाद में धूमधाम से शोभायात्रा निकली गई। युवकों ने ढोल की थाप पर करतब दिखाए। रविदास मंदिर से शुरू हुई शोभायात्रा अपने परंपरागत मार्गों से निकाली गई।
शोभायात्रा में शंकर परिवार, राधा कृष्ण कालिया नाग पर क्रीड़ा करते हुए भगवान कृष्ण आदि देवी देवताओं की झांकियां शामिल थी। शोभायात्रा का कई स्थानों पर स्वागत हुआ। कार्यक्रम में शमशेर सिंह, डॉ. राजकुमार, लक्की, लेखराज, शिवकुमार रहे। गांव चाकरपुर में रविदास कमेटी की ओर से भव्य रविदास शोभायात्रा निकली। हरिजन बस्ती से शुरू हुई शोभायात्रा गांव के परंपरागत मार्गों से होती हुई गांव के झंडा स्थल पर पहुंची। यहां झंडा स्थापित किया गया और प्रसाद वितरण किया गया। युवकों ने अखाड़े के करतब दिखाए। महिलाओं ने भजन कीर्तन किया। वहीं, शांति के लिए पुलिस भी तैनात रही। कार्यक्रम में लेखराज सिंह, चेतराम, आत्माराम, सुभाष चंद्र, पंकज कुमार शर्मा, सुनील कुमार, अतुल कुमार, जयदेव, मुरारी सिंह, जसवंत, शीशराम, संतराम, पूर्व प्रधान भूपेंद्र सिंह, महावीर सिंह, बलराम सिंह, मास्टर सुशील कुमार रहे। शोभायात्रा का गांव में कई स्थानों पर स्वागत हुआ। कोतवाल संजय पांचाल ने बताया कि धामपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार को लगभग 38 गांवों में रविदास जयंती पर शोभायात्रा निकाली गई। सभी जगह शांति कायम रही। उधर, रेहड़ के गांव उमरपुर नत्थन में जुलूस और झांकी निकाली गई। रविदास जयंती पर जुलूस रविदास गुरुद्वारे से शुरू होकर गांव के मुख्य मार्गों से होकर नारायणवाला होता हुआ गुरुद्वारे पर आकर संपूर्ण हुआ। जुलूस में संत रविदास की झांकी के साथ अखाड़े में युवकों ने करतब दिखाए। इस मौके पर प्रधान पति अमर सिंह, सुशील, भगवानदास, अशोक, ऋषिपाल आदि रहे। कादराबाद के ग्राम चौहडवाला में शोभायात्रा निकली। ग्रामीणों ने अखाड़े के करतब दिखाए। ग्राम चोहडवाला में बुधवार दोपहर बूंदाबांदी के बीच रविदास मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। रविदास भक्त संत शिरोमणि के आदर्शों का गुणगान करते हुए चल रहे थे। ट्रैक्टर ट्राली में रविदास की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। शोभायात्रा का गांव में कई स्थानों पर स्वागत हुआ। शोभायात्रा में गांव के पुष्पेंद्र, सोनू कुमार, कपिल कुमार, अतुल जसगपाल सिंह, निरंजन सिंह, संतराम विजयपाल रहे।