नौ को गंगा की रेती पर बनेगा एक और कीर्तिमान
गंगा की रेती पर दस हजार लोगों की मानव शृंखला से बनेगा देश का नक्शा, लिम्का बुक में होगा दर्ज
छोटे से बड़े तक रहेंगे शामिल, सामाजिक संगठनों से भी लिया जाएगा सहयोग
अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा।
तिगरी धाम मेले में आकर्षण का केंद्र बने विश्व का सबसे बड़े चश्मे के बाद जिला प्रशासन एक और कवायद करने जा रहा है। जी हां, नौ नवंबर को गंगा की रेती में मानव शृंखला से देश का नक्शा बनाया जाएगा। इतना ही नहीं छोटे-बड़े दस हजार लोगों से बनी इस मानव शृंखला को भी लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज कराया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वहीं जिला प्रशासन कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा तिगरी धाम में लगे वाले ऐतिहासिक मेले में लाखों लोग आस्था की डुबकी लगाने आगे है। जिसके ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने मेले को पूरी तर ओडीएफ घोषित कराने का निर्णय लिया। मेले में श्रद्धालुओं को स्वच्छता के प्रति प्रेरित करने के लिए विश्व का सबसे बड़ा चश्मा तैयार कराया गया। पहले ही दिन इसे मेले में सजाया गया। जो तिगरी धाम मेले में आकर्षण का केंद्र रहा। स्वच्छता को प्रेरित करने वाले विशाल चश्मे के साथ श्रद्धालुओं द्वारा जमकर सेल्फी ली गईं। मां गंगा की रेती में विशाल रूप के चलते महात्मा गांधी जी के चश्मे ने अपना नाम लिम्का बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज करा लिया है। लेकिन इसी के साथ गंगा की रेती में एक ओर कारनामा होने जा रहा है। कार्तिक पूर्णिमा का स्नान खत्म होने साथ ही श्रद्धालु अपने घरों को लौटने लगे हैं। महीने भर रंगबिरंगी रोशनी में जगमग रही गंगा की रेती दो दिन में सूनी हो जाती है। लेकिन इस बार जिला प्रशासन द्वारा नौ नवंबर को फिर गंगा की रेती में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद मानव शृंखला बनाकर देश का विशाल नक्शा बनाया जाएगा। जिसे लिम्का बुक वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज कराया जाएगा। मानव शृंखला में जिले के स्कूली बच्चे, ग्राम प्रधान और समाजसेवी संगठन के लोग शामिल होंगे। वहीं एसडीएम धनौरा गंभीर सिंह ने बताया कि स्वच्छता में सहयोग करने वाले लोगों को सम्मानित किया जाएगा।