फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिले को मिला चार राजकीय इंटर कॉलेज को भवन निर्माण का तोहफा

विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर। जिले को चार राजकीय इंटर कॉलेज को भवन निर्माण का तोहफा मिला है। इनमें तीन नए राजकीय बालिका इंटर कॉलेज शामिल हैं, जबकि चौथा राजकीय इंटर कॉलेज बिजनौर का पुराना भवन गिराकर बनेगा। केंद्र ने मल्टी सेक्टोरियल विकास योजना के तहत भवन निर्माण के लिए करीब 17 करोड़ की धनराशि जारी कर दी है।
विज्ञापन

जिला अल्पसंख्यक अधिकारी प्रवीण कुमार मिश्र के अनुसार अल्पसंख्यक विभाग पर राजकीय इंटर कॉलेज के निर्माण का जिम्मेदारी है। मल्टी सेक्टोरियल विकास योजना के तहत अक्टूबर 2017 में जिला स्तरीय समिति ने जिले में चार नए राजकीय इंटर कॉलेज के निर्माण का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा था। राज्य स्तरीय समिति ने प्रस्ताव मंजूरी के लिए केंद्र को भेज दिया। केंद्र ने प्रस्तावों के सभी बिंदुओं पर सहमति जताते हुए प्रस्ताव पर मंजूरी की मुहर लगा दी है। जिला अल्पसंख्यक अधिकारी के अनुसार नहटौर, किरतपुर व गजरौला अचपल में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बनेगा। बिजनौर मुख्यालय के राजकीय इंटर कॉलेज के भवन को गिराकर नया भवन बनाया जाएगा। जीजीआईसी किरतपुर व जीआईसी बिजनौर की कार्यदायी संस्था सीएनडीएस है। जीजीआईसी नहटौर व जीआईसी बिजनौर की कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल है।

सवा चार करोड़ मिला एक कॉलेज निर्माण को
बिजनौर। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार मिश्र के अनुसार प्रत्येक राजकीय इंटर कॉलेज के निर्माण के लिए करीब सवा चार करोड़ आवंटित हैं। इस प्रकार कुल 17 करोड़ की धनराशि चारों कॉलेज के भवनों के निर्माण पर खर्च होगी। निर्माण शुरू कराने के लिए अल्पसंख्यक विभाग व कार्यदायी संस्था के बीच एमओयू (मैमोरैंडम आफ अंडरस्टैंडिंग) भेज दिया गया है। निर्माण कार्य अगले दो साल में पूरा होना है।
विज्ञापन


ब्रिटिश काल का है भवन
बिजनौर। जीआईसी बिजनौर के भवन का निर्माण ब्रिटिश काल में हुआ था। कॉलेज के निर्माण को 150 वर्ष से अधिक हो गए हैं। कालेज का भवन पूरी तरह जर्जर हो गया है। कई हिस्से गिरने की स्थिति में है। अंग्रेजों के समय की कॉलेज में बनी लाइब्रेरी यादगार बनी है। कॉलेज के इस भवन में पढ़कर अनेक छात्र प्रशासनिक, वैज्ञानिक, समेत उच्च पदों पर पहुंचे हैं। कालेज का नया भवन पुराने भवन को गिराकर बनेगा। इस प्रकार ब्रिटिश काल में बने जीआईसी बिजनौर का भवन आने वाली पीढ़ियों के लिए जिले के पुरातत्व भवनों के रूप में यादगार बनकर रह जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें