नजीबाबाद। शिवशक्ति धाम मंदिर परिसर में लगा जाल हटाकर दीवार बनाने के कार्य ने उस समय तूल पकड़ लिया जब विहिप जिलाध्यक्ष ने अवैध निर्माण बताते हुए प्रशासन से शिकायत की। प्रशासन के हरकत में आने के बाद हिंदू संगठन और किसान नेता मंदिर जीर्णोद्घार में अड़चन पर लामबंद हो गए। उन्होंने विहिप नेता के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया तथा निर्माण कार्य अपनी मौजूदगी में कराया।
सीकेआई चौराहे पर स्थित वर्षों पुराने शिवशक्ति धाम मंदिर के संचालकों ने लगभग डेढ़ फीट ऊंची दीवार पर लगी जाली को हटाकर धूल, वर्षा आदि से मंदिर परिसर को सुरक्षित रखने के लिए मंदिर जीर्णोद्घार कार्य में दीवार बनवाने का काम शनिवार को शुरू किया। विहिप जिलाध्यक्ष ऋषिपाल ने मंदिर जीर्णोद्घार कार्य को अवैध तथा श्रद्घालुओं के धन का दुरुपयोग बताते हुए प्रशासन को तत्काल काम रुकवाने को कहा। मंदिर का काम रुकवाने के प्रयास पर हिंदू संगठन के प्रतिनिधि और किसान नेता श्रद्धालुओं के साथ लामबंद हो गए। उन्होंने विहिप नेता द्वारा प्रशासन को गुमराह करने के बाद काम रोकने के निर्देश को गलत बताते हुए रोष व्यक्त किया।
रविवार की सुबह करीब नौ बजे भाजपा नगर संयोजक पंकज शर्मा, मंडल अध्यक्ष ज्ञानेंद्र कुमार, चौधरी ईशम सिंह, भाकियू जिला उपाध्यक्ष विनोद परमार, गजेंद्र सिंह, जगदीश, महेंद्र सिंह, नितिन त्यागी, कुमुद कुमार, अरुण गहलौत, रितेश ठाकुर, सुशील चौहान, तिलकराज, विक्रांत चौधरी, सुखराम सिंह, मदन सिंह, लोकेंद्र सिंह, चौधरी नरेंद्र, संदीप तायल, महेश, सरदार गुरदीप सिंह, राजन गोल्डी, अरविंद शर्मा, कोमल सिंह, रुस्तम यादव, राकेश चौधरी, मुकेश दक्ष, राजपाल सिंह चौहान, केपी सिंह, विवेक शर्मा, नीरज शर्मा आदि लोग मौके पर पहुंच गए।
हिंदू संगठनों और किसान यूनियन के नेताओं ने मंदिर परिसर में अवैध निर्माण न होने का तर्क देते हुए स्वयं दीवार का निर्माण कराया। उधर, एसडीएम ने शिकायत की जांच राजस्व कर्मचारियों से कराने तथा निर्माण कार्य रुकवाने के आदेश देने की बात कही। विहिप के जिलाध्यक्ष ने ऋषिपाल सिंह ने मंदिर की जाली हटाकर दीवार का स्थायी निर्माण करने को श्रद्धालुओं के धन का दुरुपयोग बताया है।