बिजनौर। बाबा साहब डा.भीमराव आंबेडकर की जयंती पर शुरू किए गए ग्राम स्वराज अभियान ने जिले के 131 गांवों के परिवारों के जीवन बदलकर रख दिया है। इन गांवों में अनेक विभागों द्वारा कैंप लगाकर बिजली कनेक्शन, एलपीजी कनेक्शन दिए गए हैं। गांवों के शत प्रतिशत घरों को योजनाओं का लाभ दिया गया है। योजना में पिछले 20 दिन में 16 हजार से अधिक कनेक्शन दिए गए हैं। इन गांवों को प्रशासन द्वारा जल्दी ही संतृप्त घोषित कर दिया जाएगा।
केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा प्रयास करने के बाद भी योजनाओं का लाभ शत प्रतिशत पात्रों को नहीं मिल पाता है। पात्र परिवारों की उदासीनता व अधिकारियों की लापरवाही से ऐसा होता है। केंद्र सरकार द्वारा देश में कराए गए एक सर्वे के अनुसार देश में करीब 21 हजार गांव अति पिछड़े पाए गए थे। इन गांवों के लोग बिजली कनेक्शन जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित थे। बाबा साहब डा. भीमराव आंबेडकर जयंती पर 14 अप्रैल से इन गांवों के कायाकल्प का आगाज किया था। जिले के भी 120 गांव इस योजना के तहत चयनित किए गए थे। साथ ही इनसे अलग 11 गांव खुद जिला प्रशासन ने गोद लिए थे। जिले की सभी नगर पालिका व पंचायतों से भी एक एक वार्ड को गोद लिया गया था। शासन की निगरानी में इन गांवों में खुद अधिकारियों ने जाकर कैंप किया और पात्रों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया है। अब जल्दी ही इन गांवों को संतृप्त घोषित किया जा सकता है।
ये हुए काम
ग्राम स्वराज अभियान का सबसे पहला मकसद इन गांवों को धुआं मुक्त कराना था। इन गांवों में तीन हजार 985 कनेक्शन दिए गए। इसके अलावा सौभाग्य योजना में इन गांवों के करीब 16.500 हजार परिवारों को फ्री में कनेक्शन दिए गए हैं। सभी योजनाओं का संचालन बैंकों से होने के बाद भी ये परिवार आज तक बैंकों से दूर थे। अभियान में जन धन योजना में 11505 खाते खोले गए हैं। इनमें से 11, 418 खाताधारकों का प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना तथा 1405 का प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत बीमा भी कराया गया है। मिशन इंद्रधनुष के अंतर्गत तीन हजार 80 बच्चों व 1179 महिलाओं का टीकाकरण किया गया है। योजना का लाभ एससी-एसटी वर्ग के परिवारों, अंत्योदय कार्ड धारकों, प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को दिया गया है। सीडीओ डा. इंद्रमणि त्रिपाठी के अनुसार ग्राम स्वराज अभियान में शामिल किए गए गांवों को संतृप्त किया जाएगा। गांवों में कैंप लगने से गांव वालों को बहुत फायदा हुआ और कहीं जाए बिना ही उनका काम हुआ है।