नजीबाबाद। कोटद्वार ब्रांच लाइन पर दो दिन बाद गढ़वाल एक्सप्रेस सहित पैसेंजर ट्रेनों का संचालन फिर से शुरू हो गया। उधर, सिख समाज की कारसेवा से बड़िया-जट्टीवाला पुल पर दुपहिया वाहनों का आवागमन शुरू हो गया। लोनिवि एवं एनएच विभाग की उदासीनता से हाईवे पुल पर क्षतिग्रस्त भाग की मरम्मत का काम अभी भी शुरू नहीं हुआ।
नजीबाबाद-कोटद्वार ब्रांच लाइन पर सूकरो नदी के पुल की एप्रोच नदी में बहने से शुक्रवार को बंद हुआ रेलवे का आवागमन तीसरे दिन फिर से शुरू हो गया। रेल विभाग के तकनीकी अधिकारियों ने रात-दिन अभियान चलाकर पुल की दोनों ओर धंसी मिट्टी को दुरुस्त किया गया। सूकरो नदी के तेज बहाव से कटी एप्रोच को दोबारा ठीक करने के लिए रेलवे के तकनीकी अधिकारियों ने तारबाड़ और पत्थरों का बंदा बनाया है। एप्रोच दुरुस्त होने के बाद रविवार को ब्रांच लाइन पर नजीबाबाद-कोटद्वार के बीच पैसेंजर ट्रेनों का आवागमन शुरू होने से दैनिक यात्रियों ने राहत की सांस ली। दिल्ली से कोटद्वार के बीच चलने वाली गढ़वाल एकसप्रेस ट्रेन का संचालन भी कोटद्वार स्टेशन से सुचारू कर दिया गया। मेरठ-पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग पर नजीबाबाद-कोटद्वार के बीच सूकरो नदी पर बने सड़क पुल की टूटी एप्रोच को दुरुस्त करने का काम एनएच विभाग एवं लोनिवि ने तीसरे दिन भी शुरू नहीं किया। एसडीएम उद्भव त्रिपाठी ने लोनिवि एवं एनएच विभाग के अधिकारियों को तत्काल ध्वस्त एप्रोच दुरुस्त कराने के निर्देश दिए थे। उधर, कारसेवा से बने बड़िया-जट्टीवाला सड़क पुल के दोनों ओर से की ध्वस्त एप्रोच दो दिन के भीतर क्षेत्रीय सिख समाज ने कारसवा के माध्यम से दुरुस्त कर दी। क्षेत्र के सिखों ने ट्रैक्टर ट्रॉलियों से गहराई तक कटी एप्रोच को भरकर रविवार को दुपहिया वाहनों का आवागमन सुचारु कर दिया। अभी भारी वाहनों के आवागमन के लिए सिख समाज एप्रोच को मजबूती देने में जुटा है।