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जिला कारागार में नवरात्र के नौ दिन 11 मुस्लिम बंदियों ने रखे उपवास

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जिला कारागार में नवरात्र के नौ दिन 11 मुस्लिम बंदियों ने रखे उपवास
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बिजनौर। भले की दुनियाभर में धर्मों के आधार पर नफरत की दीवारें खड़ी हो रही हैं, लेकिन सलाखों के पीछे आस्था ने तस्वीर को बदल दिया। इस बार 11 मुस्लिम बंदियों ने नवरात्र के पूरे नौ दिन तक उपवास रखे और मां दुर्गा की आराधना की। अष्टमी पर हुए हवन में भी आहुति देकर जेल की चारदीवारी में धर्म की दीवारों को तोड़ डाला।
बुधवार को जिला कारागार में दुर्गा अष्टमी मनाई गई। सवेरे अलग से बैरक सजाई गई। माता की चौकी के सामने बैठकर बंदियों ने पूजा अर्चना की। वहीं, हवन पूजन में आहुतियां देकर मां दुर्गा से मंगल कामना की गई। जेल में हुई पूजा अर्चना में एक बात सबसे अलहदा थी, वो है मुस्लिम बंदियों का पूजा अर्चना में शामिल होना। जेल की चारदीवारी के बीच वाकई इन मुस्लिम बंदियों ने भाईचारे की मिसाल कायम कर दी। यह भी साबित किया कि ईश्वर को धर्म के आधार पर नहीं बांटा जा सकता। वह सबका और एक है। बता दें कि जिला कारागार में इस बार 290 बंदियों ने पूरे नौ दिन तक उपवास रखे। इनमें 13 महिलाएं भी शामिल हैं। ताज्जुब की बात यह रही कि 11 मुस्लिम बंदी भी हिंदू बंदियों के साथ-साथ उपवास रख रहे थे। जेल अधीक्षक के मुताबिक जेल में रोजाना योग होता है। जिसमें दर्जनभर मुस्लिम बंदी शामिल होते हैं। इसके अलावा भजन कीर्तन जैसे कार्यक्रम में भी मुस्लिम बंदियों की भागीदारी रहती है।
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इन्होंने रखे व्रत
बंदी अपराध
रिजवान हत्या
फरमान दुष्कर्म, पॉक्सो
जुल्फिकार चोरी
शादाब जानलेवा हमला
अमजद हत्या
गुलफाम हत्या
शमशाद हत्या
शहबाज दुष्कर्म, पॉक्सो
शाहवेज दुष्कर्म, एससी एसटी एक्ट
अफसरी हत्या में आजीवन कारावास
नरगिस हत्या
नोट : यह आंकड़े जेल से उपलब्ध कराए गए हैं।
जेल में इस बार 290 बंदियों ने उपवास रखा है। जिनमें 11 मुस्लिम बंदी भी शामिल हैं। इन बंदियों ने पूरे नौ दिन तक उपवास रख कर केवल फलाहार ग्रहण किया। हवन में भी उपवास रखने वाले मुस्लिम बंदी शामिल हुए हैं - शैलेंद्र प्रताप सिंह, प्रभारी जेल अधीक्षक
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