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स्वस्थ जीवन के लिए वायु प्रदूषण पर नियंत्रण जरूरी

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नजीबाबाद। उम्र का आखिरी पड़ाव और जज्बा धरती के प्रदूषण को कम करने का। सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य महेशबल शर्मा स्वयं साइकिल की सवारी करते हैं। विद्यार्थियों और समाज को वायु और ध्वनि प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए साइकिल चलाने को प्रेरित करने का अभियान चला रहे हैं।
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आरबीएस इंटर कॉलेज नांगलसोती से सेवानिवृत्त हुए 73 वर्षीय महेशबल शर्मा धरती पर बढ़ते प्रदूषण से आहत हैं। जनसंख्या वृद्घि, औद्योगीकरण की होड़ में सुकुड़ती भूमि, वन संपदा के दोहन और प्रकृति से मानव द्वारा छेड़छाड़ ने महेशबल शर्मा को समाज को जागृत करने के लिए विवश किया। बढ़ती उम्र के बावजूद महेशबल शर्मा ने साइकिल चलाओ, प्रदूषण भगाओ, धरती बचाओ... जनजागृति अभियान शुरू किया है। अनिल टांक, सेवानिवृत्त शिक्षक यशराम शर्मा के सहयोग से पर्यावरण के प्रति समाज को जागरूक करने का अभियान परवान चढ़ रहा है। महेशबल शर्मा रोजाना औसतन सात से आठ किलोमीटर साइकिल चलाते हैं। समाज और स्कूली बच्चों के बीच पहुंचकर उन्हें अधिक से अधिक साइकिल के लिए प्रेरित कर रहे हैं। जागरूकता अभियान में एक हजार से अधिक लोगों ने कम दूरी के लिए साइकिल चलाने का उन्हें शपथ पत्र सौंपा है। इनमें इंजीनियर, कारोबारी, समाजसेवी, शिक्षक और विद्यार्थी शामिल हैं।
महेशबल शर्मा का तर्क है कि दुपहिया वाहनों का बहुतायत में प्रयोग से ध्वनि, वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ा है। दुर्घटनाओं में दुपहिया वाहन सवारों की सर्वाधिक मौतें हो रही हैं। इनमें युवाओं की मौतें ज्यादा हो रही हैं। जब समाज कम दूरी के लिए साइकिल चलाएगा, तो प्रदूषण पर अंकुश लगेगा, ईंधन बचेगा और जेब खर्च भी कम होगा। उनका कहना है कि साइकिल संचालन स्वास्थ्य की दृष्टि से हर आयु वर्ग के लिए फायदेमंद है। महेशबल का दावा है कि आर्थिक रूप से कमजोर समाज की शाही सवारी साइकिल को जन-जन की सवारी बनाने, इसके प्रचलन को प्रभावी बनाने के लिए सरकारी योजनाएं चलाने, साइकिल खरीद पर छूट दिए जाने जैसे सरकारी कार्यक्रम धरती के प्रदूषण को कम करने के लिए जरूरी है।
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