डीघ ब्लॉक के कोइरौना बाजार में सोमवार को सुबह ग्रामीणों ने जल निगम के खिलाफ नारेबाजी कर समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया। समाजसेवी अखिलेश पांडेय के साथ सड़क पर उतरे लोगों का कहना था कि जल निगम की तरफ से ग्रामीण समूह पेयजल योजना की एक दशक पूर्व कोइरौना बाजार में स्थापना कराकर एक दर्जन से अधिक गांवों में रहने वाले पांच हजार परिवारों को पाइप लाइन की सुविधा दी गई है। इस ग्रामीण पेयजल योजना के तहत जलापूर्ति आए दिन किसी न किसी तकनीकी खराबी से बंद हो जाती है।
लोगों का कहना था कि उपभोक्ता पूरे माह का राजस्व जमा करते आ रहे हैं। इसके बाद भी लोगों को शुद्घ पेयजल नहीं मिल पाता है। आपरेटर से शिकायत करने पर समस्या का निदान पूरे माह तक नहीं हो पाता है। ग्रामीण क्षेत्र होने से उपभोक्ता हैंडपंप, निजी सबमर्सिबल पंप का सहारा लेकर काम चला लेते हैं, लेकिन बाजार में लगी टोटियों का लाभ दूरदराज क्षेत्र से आने वाले लोगों को नहीं मिल पाता है। लोगों ने चेतावनी दी कि तकनीकी खराबी को दूर कराकर पेयजल योजना को चालू नहीं कराया जा सका तो ग्रामीण अधिकारियों का घेराव करने के लिए विवश होंगे। इस मौके पर बब्बन मिश्रा, विवेक पांडेय, दिनेश यादव, अजीत यादव, राधेश्याम यादव, विकास सिंह, शिवराम यादव, कुंदन अग्रहरि, प्रेमनाथ मिश्र आदि मौजूद रहे। अधिशासी अभियंता जलनिगम मुजीब अहमद ने बताया कि पेयजल योजना को चलाने के लिए दो मोटरें लगी हैं। एक खराब होने पर दूसरी काम करती है। शिकायत पर एक मोटर को लगवाकर पेयजल आपूर्ति बहाल करा दी गई है।