ज्ञानपुर/गोपीगंज। गंगा में बढ़ते जलस्तर से एक बार फिर रामपुर और धनतुलसी-डेंगुरपुर गंगा घाट पर पीपा पुल का निर्माण रुक गया है। पुल न बनने से गंगा आर-पार कराने में लगे स्टीमर संचालक टेंडर समाप्त होने के बाद भी नि:शुल्क यात्रा करा रहे हैं, लेकिन गंगा के बीच पहुंचने पर जलप्रवाह अधिक होने से स्टीमर बहकने में देर नहीं करते। उस समय यात्रियों की जान सांसत में पड़ जाती है। बावजूद इसके बहकते और बंद होने वाले स्टीमर को जल प्रवाह में स्टार्ट कर बढ़ना प्रतिदिन का काम है। अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग एसबी राव ने बताया कि रामपुर में अभि और धनतुलसी-डेंगुरपुर गंगा घाट पर विमल कंस्ट्रक्शन को पुल बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। 23 अक्तूबर से निर्माण कार्य भी शुरू हो गया था। उसी दौरान पश्चिमी प्रदेशों में बारिश का क्रम शुरू हो जाने से अतिरिक्त जल छोड़ने पर कार्य में रुकावट आई है। जल स्तर कम होने पर कार्य को तेजी से पूरा करा दिया जाएगा।
शादी-विवाह का दौर शुरू, लग रहा अतिरिक्त चक्कर
ज्ञानपुर। नवंबर की शुरुआती और समापन तक शादी-विवाह का दौर शुरू हो जाने से समारोहों में पहुंचने वालों को अतिरिक्त चक्कर लगाना मजबूरी बन रही है। डीघ ब्लाक के दरवांसी गांव निवासी राजू अली ने बताया कि वह अपनी बहन के यहां जाने के लिए जोखिम उठाकर ही गंगा पार हो सका। धनतुलसी-डेंगुरपुर घाट पर पीपा पुल बन जाने से 120 किमी की दूरी मात्र 40 किमी में सिमट जाती है और रात हो या दिन आने-जाने में कोई परेशानी नहीं होती। घाट की स्थिति यह है कि जल स्तर बढ़ने के कारण लोक निर्माण विभाग अभी तक मात्र तीन पीपे ही लगा सका वह भी गंगा में तैर रहे हैं। रामपुर, सीतामढ़ी घाट से बेला चौहान, सिंधुरिया, विजयपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, विंध्याचल, लालगंज के लिए शार्ट रास्ता मिलता है जो पुल निर्माण में हो रही देरी के कारण मनोज, शिवराज, कमालू, अरविंद आदि ने चील्ह मार्ग का सहारा लिया। इसी क्रम में मेजा, मदरा, भीरपुर, रामनगर, सिरसा जाने वाले सतीश, पवन, प्रदीप, बिनोद आदि ने बताया कि उन्हें प्रयागराज से नैनी होकर जाना पड़ा। क्योंकि देर शाम के बाद स्टीमर का संचालन बंद हो जाता है।