लापरवाही बरतने पर जिले के 119 स्ववित्तपोषित (वित्तविहीन) स्कूल के प्रधानाचार्यों को डीआईओएस नंदलाल गुप्ता ने चेतावनी दी है। अंशकालिक शिक्षकों, प्रवक्ताओं का ब्यौरा सोमवार तक देना था, लेकिन किसी ने ब्योरा नहीं दिया। इसे लेकर उन्होंने नाराजगी जताई और तीन दिन में ब्यौरा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
जिले में संचालित 183 माध्यमिक एवं इंटर कॉलेजों में 119 वित्तविहीन है। चुनावी वर्ष से पूर्व शासन ने ऐसे शिक्षकों का ब्यौरा मांगा है। जिसके लिए महीने भर पूर्व माध्यमिक शिक्षा विभाग ने प्रधानाचार्यों को पत्र लिखकर जरूरी जानकारी भेजने का निर्देश दिया था, लेकिन अब तक एक भी विद्यालय की सूचना नहीं मिल सकी। निदेशक माध्यमिक शिक्षा के सख्त तेवरों का असर भी प्रधानाचार्य पर नहीं पड़ रहा है। जिला विद्यालय निरीक्षक नंदलाल ने कहा कि जो स्कूल शिक्षकों का ब्योरा नहीं दे रहे हैं उन्हें तीन दिन का अंतिम मौका दिया गया है। जिन मानकों के अनुरूप स्कूल की मान्यता दी गई है उसमें शिक्षक नियुक्ति भी शामिल है। जल्द ही शासन को अवगत कराया जाएगा। मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई भी संभव है।