वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर जंगीगंज बाजार स्थित बस स्टापेज (फेयर स्टाप) पर सन्नाटा पसरा रहता है। यात्रियों व व्यापारियों ने उत्तर प्रदेश परिवहन निगम को निर्धारित स्टापेज पर बसों का ठहराव नहीं किए जाने पर विरोध-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
व्यापार मंडल के अध्यक्ष जय दयाल मोदनवाल ने बताया कि 10 वर्ष पूर्व तक बाजार में रोडवेज बसों का ठहराव होते रहने से यात्री, व्यापारी दूरदराज क्षेत्रों से यात्रा कर आवागमन करते थे। हाईवे को सिक्सलेन में परिवर्तित होने पर रोडवेज के चालक-परिचालक बसों को निर्धारित स्टापेज पर नहीं रोकने और सीधे अंडरपास से रफ्तार भरते हैं। इसके चलते इस प्रचंड गर्मी में यात्रियों को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारी अभिषेक जायसवाल ने बताया कि पहले की अपेक्षा आवागमन में अब काफी बदलाव आया है। हाईवे प्राधिकरण ने परिवहन निगम के बस स्टापेज के अलावा अंडरपास ब्रिजों के नजदीक हजारों रुपये खर्च कर आधुनिक बस स्टॉप भी बनवाया है, जिसका कोई लाभ यात्रियों को नहीं मिल पा रहा है। इस मुख्य कारण यह है कि अंडरपास के चलते फेयर और आधुनिक बस स्टाप मुख्य लेन से काफी दूर है और ये सर्विसलेन से जुड़े हैं, जहां बसों का आना कभी नहीं होता है। यात्री प्रमोद कुमार का कहना था कि जंगीगंज अंडरपास से पर्यटन स्थल सीतामढ़ी, बाबा सेमराधनाथ, पांडव कालीन बाबा तिलेश्वरनाथ जाने वालों की संख्या अधिक रहती है। तटवर्ती कोनिया क्षेत्र के लगभग 50 गांवों के लोग यात्रा करते हैं। फेयर स्टापों पर रोडवेज बस की सुविधा नहीं मिलने से डग्गामार निजी बसों का सहारा लेना लोगों की विवशता बन जाती है। राहुल देव पांडेय, शुशील मिश्र, कल्लू यादव, पवन यादव, संजय कुमार ने निर्धारित स्टापेज पर रोडवेज की बसों के ठहराव को समय की मांग बताई। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम वाराणसी के प्रबंधक केके गुप्ता ने बताया कि शिकायतें मिलने पर इस मामले की जांच एआरएम सिविल लाइन प्रयागराज को सौंपी दी गई है। जो तीन दिन में अपनी रिपोर्ट भी सौंप देंगे। जांच में चालक-परिचालक की लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी।