ज्ञानपुर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले में बन रहे 37 हजार नये शौचालयों के निर्माण में व्यापक स्तर से लापरवाही बरती जा रही है। जिससे 10 हजार शौचालय अब तक पूर्ण नहीं हो सके। शासन- प्रशासन की तमाम सख्ती के बाद भी 30 जून तक इन शौचालयों को बनवाना टेढ़ी खीर साबित होता दिख रहा है।
केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद स्वच्छता अभियान के तहत जिले के 561 गांवों में शौचालय बनाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू किया गया। 2015 से लेकर 2018 तक करीब एक लाख 40 हजार शौचालयों का निर्माण किया गया, जबकि 80 हजार से अधिक शौचालय पूर्व में ही बने थे। जिले को ओडीएफ होने के बाद कई गांवों में शौचालय न मिलने का मामला सामने आया। उसके बाद शासन के निर्देश पर जिला पंचायत राज विभाग की ओर से ब्लॉकवार सर्वे कराया गया। जिसमें 37 हजार नए लाभार्थी मिले। बजट आने के बाद इन लाभार्थियों के खाते में प्रोत्साहन राशि के रूप में 12-12 हजार रुपये भेजने की कवायद शुरू की गई, लेकिन प्रधानों का सहयोग न मिलने से लाभार्थियों के खाते में पैसा भेजने में दिक्कत होने लगी है। उप निदेशक पंचायत राज एके शाही से लेकर जिलाधिकारी ने खराब प्रगति पर नाराजगी जताई लेकिन निर्माण में तेजी नहीं आई। पूर्व में शौचालय का पैसा ग्राम निधि के खाते में भेजा गया था, लेकिन अब नए बनने वाले 37 हजार शौचालय का पैसा सीधे लाभार्थियों के खाते में भेजा गया। जिससे ग्राम प्रधानों और सेक्रेटरी का सहयोग न मिलने से 37 हजार 545 के सापेक्ष अब तक 27 हजार लाभार्थियों की ही सूची भेजी गई। विभागीय आंकड़ों में 27 हजार शौचालय पूर्ण हो लेकिन अब भी ज्यादातर शौचालय अपूर्ण हैं।