पश्चिमी क्षेत्र में विकसित होने वाले पश्चिमी विक्षोभ के कारण कालीन नगरी का मौसम एक बार फिर बदलेगा। 20 मार्च से आसमान में बादलों की आवाजाही एक बार फिर बढ़ जाएगी।
21 से 23 मार्च तक बूंदाबांदी व हल्की बारिश के आसार बन रहे हैं। विशेषज्ञों ने फसलों के बचाव को लेकर एडवाईजरी जारी कर दी है।
मंगलवार का मौसम हर दिन की अपेक्षा साफ रहा। दोपहर में तीखी धूप देखी गई। मार्च के पहले सप्ताह में मौसम सामान्य रहा, लेकिन उसके बाद लगातार मिजाज बदल रहा है। तीन से चार दिन पूर्व बादलों की आवाजाही के बीच हल्की बूंदाबांदी हुई।
मंगलवार को आसमान साफ रहा, लेकिन एक बार फिर मौसम का मिजाज फिर बिगड़ने वाला है। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने बताया कि 19 मार्च को पश्चिम क्षेत्र में विकसित होने वाले पश्चिमी विक्षोभ से उड़ीसा, झारखंड छत्तीसगढ़ राज्यों में बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त हवाओं का प्रवेश होगा।
इसके संयुक्त प्रभाव के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार में गरज चमक के साथ बारिश के आसार है।
जिले में भी गरज चमक के साथ हल्की बारिश का प्रभाव कुछ स्थानों पर तथा कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी का असर दर्ज किया जा सकता है। कहा कि अनुकूल मौसम परिस्थिति अपने क्षेत्र में मिलने पर अच्छी बारिश भी दर्ज की जा सकती है। आने वाले दिनों में हवा पछुआ से पूर्व होने की संभावना है।
बदलते मौसम को ध्यान में रखते हुए किसान 21 से 23 मार्च के बीच विशेष सावधानी बरतें। कटी हुई फसलों को यथा स्थान ढकने अथवा छायेदार स्थान पर स्थानांतरित करने का प्रयास करें। किसान खड़ी फसलों पर रासायनिक दवा का छिड़काव, उड़द, मूंग की बोआई, सब्जियों की रोपाई तथा फसलों में सिंचाई न करें।