ज्ञानपुर रोडवेज गेट बना टेंपो स्टैंड। स्रोत- संवाद
- फोटो : मारपीट में जान गंवाने वाली किशोरी।
ज्ञानपुर। नगर के रोडवेज बस स्टेशन पर बसें कम और ऑटो ज्यादा दिखते हैं। बसों का संचालन न होने से अंदर से लेकर बाहर तक ऑटो चालकों का कब्जा रहता है। इसके अलावा पूरे परिसर में गंदगी और अराजक तत्वों का डेरा रहता है। बसों का संचालन न होने से लोगों को परेशानी होती है।
दुर्गागंज रोड तिराहे के पास रोडवेज बस स्टैंड का लोकार्पण 25 अगस्त 2008 को तत्कालीन मंत्री रामअचल राजभर ने किया था। लोकार्पण के समय करीब 18 बसें उपलब्ध कराकर वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, लखनऊ, प्रतापगढ़, जौनपुर, सीतामढ़ी, भदरांव, धनतुलसी, सुरियावां, भदोही वाया दुर्गागंज का रूट तय किया गया था। इसके कुछ ही दिन बाद एक-एक कर सभी बसें यहां से कहां चली गईं, पता नहीं चल सका। बसें न चलने से छात्र-छात्राएं, तहसील और जिला मुख्यालय आने-जाने वाले किसान, फरियादियों को परेशानी होती है। मुख्यालय का स्टेशन होने के बाद भी बसें कभी कभार ही दिखती हैं। स्टेशन के चारों गंदगी तो है ही परिसर में शाम होते ही अराजकतत्व जमे रहते हैं। बसें नदारद रहने से दुर्गागंज तिराहे के पास के कई ऑटो चालक अपने ऑटो परिसर में खड़ा करते हैं। इससे यह रोडवेज बस स्टेशन कम ऑटो स्टैंड ज्यादा प्रतीत होता है।
स्टेशन पर बसें भले ही नदारद हैं लेकिन स्टेशन के जीर्णोद्धार के लिए 1.69 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इससे यहां यात्रियों के बैठने की सुविधा से लेकर अन्य आधुनिक व्यवस्थाओं का विस्तार किया जाएगा। बीते दिनों यहां शिलान्यास भी हुआ, लेकिन सुविधाएं कब बढ़ेंगी और बसें कब आएंगी। यह बताने वाला कोई नहीं है।