गोपीगंज। स्वच्छता मिशन का सर्वेक्षण कर टीम लौट गई, लेकिन नगरवासियों को लाखों रुपये से बने सामुदायिक शौचालयों की स्थिति बदहाल ही नजर आ रही है। नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के नगर अध्यक्ष श्रीकांत जायसवाल ने टीम पर सर्वेक्षण में लापरवाही का आरोप लगाया है।
कहा कि स्वच्छता मिशन योजनान्तर्गत दो नगर पालिका और पांच नगर पंचायतों में करोड़ों की लागत से दर्जनों सामुदायिक शौचालय जनहित को देखकर बनवाया गया है। जो रखरखाव में बरती जा रही उपेक्षा के कारण उपयोग में नहीं आ रहे हैं। तीन दिन पूर्व गोपीगंज नगर में आई टीम को पालिका कर्मचारियों ने बदहाल पड़े शौचालयों के आगे-पीछे चूने का छिड़काव, फूलों का गमला रखवाकर सर्वेक्षण करा दिया। नगर के प्रमुख स्थानों पर स्थित शौचालय न साफ हैं न मामूली खराबियों से दुरुस्त कराए जा सके। त्योहार में बढ़ रही भीड़ जब कभी शौचालयों का उपयोग करने पहुंचती है उस समय वापस लौटना पड़ता है। उन्होंने मामले की जांच कराने की मांग की। गोपीगंज नगर पालिका अध्यक्ष प्रह्लादास गुप्ता ने कहा कि टीम ने आकर स्वच्छता सर्वेक्षण कर लौट गई है। जब सर्वेक्षण किया जा रहा था तब कोई आरोप लगाने वाला नहीं दिखा। टीम के जाने पर वही लोग सवाल उठा रहे हैं जिनको जनहित के कार्यों से कोई मतलब नहीं है। सर्वेक्षण रिपोर्ट में जो रैंक नगर पालिका को मिलेगा उस पर संतोष जताया जाएगा।