जिले में हाल ही में आंधी और बारिश से सैकड़ों किसानों की फसलें नष्ट हो गईं। किसान क्रेडिट कार्ड से लोन लेकर खेती करने वालों की चिंता बढ़ गई है। दोहरी मार पड़ने से किसान चिंतित है। वहीं कृषि भवन कार्यालय घरावं में फसल बीमाधारकों की ओर से क्षतिपूर्ति के लिए एक भी आवेदन नहीं आए हैं। फसल बीमा योजना के अनुसार, फसल का नुकसान होने पर क्षतिपूर्ति के लिए 72 घंटे में आवेदन करना होता है।
जिले में करीब 50 हजार हेक्टेयर में गेहूं की खेती की गई। आंधी और बारिश होने से सैकड़ों बीघा फसल नष्ट हो गई। जिले में लघु सीमांत किसानों की संख्या करीब ढाई लाख हैं। पिछैती वाले किसानों को ज्यादा नुकसान हुआ है। आंधी और बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में 3400 किसानों ने फसल बीमा कराया था, लेकिन अभी तक एक भी किसानों ने क्षतिपूर्ति के लिए आवेदन नहीं किया है। ज्यादातर किसान केसीसी से लोन लेकर खेती किए है। विभाग के अनुसार 50 फीसदी से अधिक नुकसान होने पर मुआवजा देने का प्रावधान है।