नगर के मऊ महादेव घाट स्थित पुल पर जुटी लोगाें की भीड़,सुरक्षा के कोई इंतजाम नही। संवाद
जिले में नदी, पोखरे के किनारे घाट बना दिया गया है लेकिन सुरक्षा का इंतजाम नहीं है। त्योहार पर ही गोताखोर घाटों पर आते हैं। इससे डूबने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
धार्मिक पर्वाें पर तमसा, सरयू सहित प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं का रेला उमड़ता है। सावन महीने में कांवड़िये जल भरने दोहरीघाट कस्बा स्थित सरयू किनारे पहुंचते हैं। अभी तक घाटों पर बैरिकेडिंग भी नहीं गई है।
तमसा नदी के बम घाट, ढेकुलिया घाट, गाय घाट, शीतला माता धाम, ब्रह्म स्थान, वनदेवी धाम, मुहम्मदाबादगोहना, देवलास घाट और विभिन्न पोखरों पर श्रद्धालु पूजन अर्चन करते हैं।
30 जुलाई से सावन माह शुरू हो रहा है लेकिन घाटों पर सुरक्षा सहित बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। सावन महीने में सरयू नदी के घाट से हर रविवार की भोर में जल भरकर कांवड़ियों की टोली नजदीकी शिवालय पर जलाभिषेक करने जाती है।