ज्ञानपुर। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना की खराब प्रगति पर ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की मानीटरिंग सही न मिलने पर औराई बीडीओ को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। जबकि डीघ, अभोली, सुरियावां, भदोही और ज्ञानपुर के बीडीओ का वेतन रोका गया। इसके अलावा ब्लॉकों के पांच वीडीओ और चार सचिवों की स्थायी वेतन वृद्धि पर भी रोक लगा दी गई है।
पिछले सप्ताह विकास भवन के डीआरडीए कार्यालय में परियोजना अधिकारी ने प्रधानमंत्री आवास और प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री आवास योजना की समीक्षा की। बारिश के मद्देनजर साल 2020-21 और 2021-22 में स्वीकृत आवासों की 30 जून तक 90 फीसदी कार्य पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया था, लेकिन कई ग्राम पंचायत अधिकारियों और ग्राम विकास अधिकारियों की लापरवाही से यह लक्ष्य पूर्ण नहीं हो सका। योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान कार्य में लापरवाही मिली। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी के निर्देश पर परियोजना निदेशक मनोज कुमार राय ने ग्राम विकास अधिकारी औराई संतोष कुमार सिंह, डीघ नितिन कुमार, धर्मेंद्र सिंह, सुरियावां से प्रशांत वर्मा और वंदना वर्मा जबकि औराई के ग्राम पंचायत अधिकारी अजीत प्रताप सिंह, भदोही से नीतिश कुमार, डीघ से ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह और सुरियावां के मनोज कुमार मौर्य की स्थायी वेतन वृद्धि रोक दी गई। आवासों की प्रगति की मानीटरिंग सही से न करने और सचिवों के कार्यों को देखने में उदासीनता बरतने पर औराई के बीडीओ को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई और पांच अन्य ब्लॉक के बीडीओ का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया। परियोजना निदेशक ने बताया कि पांच वीडीओ और चार सचिवों का वेतन भी जुलाई माह का रोका गया है। उन्होंने कहा कि शत प्रतिशत आवास पूर्ण कराना शासन की प्राथमिकता में शामिल है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एक सप्ताह में आवास पूर्ण नहीं होंगे तो विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा।