हरिहरनाथ मंदिर ज्ञानपुर में दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की लगी लाइन।
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ज्ञानपुर। सोमवारी अमावस्या के मौके पर सावन के तीसरे सोमवार को जिले के शिव मंदिरों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। महामारी की हिदायतों के बीच एहतियात बरतते हुए श्रद्धालुओं ने महादेव का दर्शन-पूजन किया। इस सोमवार को कई दुर्लभ संयोग भी बने। एक साथ तीन अमावस्या और कई राशियों में ग्रहण का योग भी इस बार बन रहा था। इसलिए दर्शन-पूजन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ गई थी।
सावन का तीसरा सोमवार कई मायनों में खास था। वैदिक पंडित आचार्य शरद पांडेय के मुताबिक इस बार कई राशियों में ग्रहण और तीन अमावस्या का एक साथ संयोग बना था, जो दुर्लभ है। सोमवार को हरियाली अमावस्या, सोमवती अमावस्या और श्राद्ध की अमावस्या का योग था। इस पर महादेव का दर्शन-पूजन और जलाभिषेक सभी मनोकामनाओं की पूर्ति करने वाला होता है। इसके अलावा इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी बना है। यही वजह थी कि ज्ञानपुर नगर के सिद्धपीठ हरिहरनाथ मंदिर के अलावा सेमराधनाथ धाम, तिलेश्वरनाथ, बड़ेशिव धाम आदि शिव मंदिरों पर बड़ी तादाद में श्रद्धालु पहुंचे। सेमराधनाथ धाम में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की कतार लग गई थी। हालांकि कोविड-19 के मानकों के मद्देनजर उन्हें एहतियात भी बरतना पड़ा।
सेमराधनाथ में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई थी। बड़े शिव धाम पर शिव परिवार की ओर से खास तैयारियां की गईं थीं। शाम को विशेष आरती और शृंगार का आयोजन किया गया। इसमें शिवभक्तों ने शिव स्तुति की। शिव परिवार के दीपक मोदनवाल ने कहा कि इस विशेष अवसर पर भोलेनाथ से विश्व को कोरोना महामारी से निजात दिलाने के लिए प्रार्थना की गई। इसी तरह तिलेश्वर नाथ और अन्य शिवालयों में भी दर्शन-पूजन करने के लिए श्रद्धालु पहुंचे।