विशेष न्यायाधीश एससीएसटी असद अहमद हाशमी की अदालत ने एससीएसटी एक्ट के तहत छह दोषियों को पांच-पांच साल सश्रम कारावास और 20 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। इसी तरह क्रॉस केस में दूसरे पक्ष के चार लोगों को तीन-तीन साल कारावास की सजा सुनाई।
अभियोजन के मुताबिक रोही गांव निवासी महिला ने ऊंज थाने में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि 10 सितंबर 2015 को गांव के परशुराम सिंह, कुंवर सिंह, अमर सिंह, पंजाब सिंह, अतुल सिंह और संदीप सिंह उसके घर आए। उसे भद्दी-भद्दी गाली देते हुए मारपीट की। घर को आग लगाकर जलाने की धमकी दी गई।
गलत नीयत से व्यवहार किए और ब्लाउज भी फाड़ दी। पुलिस ने एससीएसटी एक्ट समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में भेजा। जहां दोनों पक्षों के तर्क और बहस सुनने के बाद न्यायाधीश ने एससीएसटी में दोषी परशुराम सिंह, कुंवर सिंह, अमर सिंह, पंजाब सिंह, अतुल सिंह और संदीप सिंह को पांच-पांच वर्ष और पांच-पांच हजार अर्थदंड की सजा सुनाई।
इसके क्रॉस केस में एक, दो और तीन वर्ष की सजा समेत कुल 20 हजार अर्थदंड लगाया। कोर्ट ने इसी प्रकरण में क्रॉस केस में गंभीर आघात पहुंचाने में दोषी अगनू प्रसाद, राजकिशोर, लल्लू प्रसाद और प्रमोद कुमार को तीन-तीन साल कारावास और तीन-तीन हजार अर्थदंड की सजा सुनाई।