भदोही जिले की मखमली कालीन की बदौलत देश-विदेश में पहचान है। यहां की तीन विधानसभा सीटों पर चुनाव की चर्चा हर बार काफी गर्म रहती है। वर्ष 1994 में वाराणसी से अलग होकर जब भदोही जिला बना तब से यहां राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज रही है। राजनीतिक दलों के लोग जितनी दमदारी से अपने उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारते हैं, उतनी ही दमदारी से यहां के मतदाता भी अपना जनप्रतिनिधि चुनते हैं। हालांकि मतदान प्रतिशत के मामले में जिले का रिकार्ड बहुत अच्छा नहीं रहा है।
जब से भदोही जिला बना है तब से अब तक एक बार भी 60 फीसदी मतदान का आंकड़ा नहीं पहुंच सका है। इस बार आप सबकी जिम्मेदारी और कर्तव्य है कि सोमवार को सबसे पहले मतदान करें फिर जलपान करें। आपका एक-एक वोट कीमती है। स्वस्थ लोकतंत्र और जिले के विकास के लिए अत्यधिक मतदान जरूरी है। निर्वाचन आयोग खुद इस दिशा में आगे आया है। स्वीप कार्यक्रमों से मतदाताओं को जागरूक करने के कार्य किए जा रहे हैं। मीडिया की ओर से भी इसमें सहयोग दिया जा रहा है। लोकतंत्र की मजबूती बनाए रखने के लिए मतदान प्रतिशत को अधिक से अधिक कैसे बढ़ाया जाए, इसके लिए सामूहिक कोशिश की गई है। ऐसे में आपके सामने सोमवार को इस कोशिश को अंजाम तक पहुंचाने का बेहतरीन मौका है। आइए इस सपने को साकार करें और लोकतंत्र को मजबूती प्रदान करें। एक-एक वोट से मत प्रतिशत बढ़ाएं, प्रथम श्रेणी में पास होकर दिखाएं और इतिहास रचें।