घरों को रोशन के लिए लगे खंभे और तार देखरेख के अभाव में जर्जर हो गए हैं। करीब एक साल से बदलने का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन बिजली विभाग को हादसे का इंतजार है। कई ऐसे खंभे भी हैं, जो बरसात में जंग खाकर टूटकर गिरने के कगार पर हैं। इसके बावजूद इन खंभों को न तो बदला गया न ही झुके पोल को सीधा किया, जबकि इन मार्गों से प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन रहता है।
जिले में भदोही और ज्ञानपुर विद्युत वितरण खंड से करीब 120 फीडर जुड़े हैं। जिससे एक हजार गांव, दो नगर पालिका, पांच नगर पंचायत, तीन तहसील, छह ब्लॉक तक घरेलू और कामर्शियल बिजली पहुंचती है। करीब 20 हजार किलोमीटर के क्षेत्र में एचटी-एलटी तार, एक लाख से अधिक खंभे, ट्रांसफार्मर से कंट्रोलिंग व्यवस्था पर निगरानी रखी जाती है। बावजूद इसके विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में 60 फीसदी तक उपकरणों के पेड़, उनकी हरी-भरी डालियों, झुरमुटों के बीच से ही होकर उपभोक्ताओं तक करंट पहुंचा कर मुश्किलों को बढ़ावा देता है। 30 वर्ष पहले स्थापित उपकेंद्रों में लगे उपकरणों के भी जर्जर होने से सौभाग्य योजना भी सफल नहीं हो पा रही है। हल्की बारिश और हवाओं के चलने से पेड़, डाल हिचकोले मारते ही लटकते तार उपकरणों में सटने पर खेतों में चरने वाले पालतू, छुट्टा पशु चपेट में आते हैं तो मानवीय जीवन जद में आकर दम तोड़ देते हैं। वहीं विभाग अपनी जिम्मेदारियों को भूल जाता है। ज्ञानपुर के वार्ड नौ निवासी एवं पूर्व डिबाए अध्यक्ष केके सिंह ने कहा कि बिजली विभाग को किसी दुर्घटना का इंतजार है। जर्जर खंभे न बदले गए तो विभागीय कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
केस एक, पोल लगाकर छोड़ा
ज्ञानपुर के वार्ड नौ में जर्जर खंभे को बदलने के लिए दूसरा पोल लगाया गया, लेकिन आज तक उसे सही नहीं किया गया। जिससे मोहल्ले के लोगों की चिंता बढ़ गई है। एक तरफ लटका खंभा किसी भी समय धराशायी हो सकता है।
केस 2- नहीं बदले गए खंभे
डीघ के नवधन गांव में कई खंभे टेढ़े हो गए हैं। सुधार के लिए ग्रामीणों ने आवाज उठाई, लेकिन अब तक उन्हें बदला नहीं गया। जिससे बारिश में दिक्कतें बढ़ जाएंगी।
दो साल में आठ की गई जान, कई मवेशी मरे
जर्जर लटकते तार और खंभों के कारण करंट से गुजरे दो साल में आठ से अधिक लोगों की जान जा चुकी है जबकि सैकड़ों मवेशी भी काल कवलित हो चुके हैं। बिजली विभाग समय रहते नहीं चेता तो बारिश में यह संख्या बढ़ जाएगी।
वीप-रैंप योजना से जर्जर तार और खंभों को बदला जा रहा है। निगम कार्यालय को बजट मिल चुका है। कार्यदायी संस्था भी चयनित हो चुकी है। जल्द ही जर्जर तार और खंभों को बदला जाएगा। - अमर सिंह, एक्सईएन ज्ञानपुर