किसी ने क्या खूब कहा कि रक्तदान है प्राणी पूजा इसके जैसा दान न दूजा... जीवन में रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं होता है। इसीलिए रक्तदान को महादान कहा जाता है। हम रक्तदान कर कई लोगों की जिंदगी बचा सकते हैं। 14 जून को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से जिला अस्पताल में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया है।
शिविर में आइए और स्वैच्छा से रक्तदान कीजिए। एक स्वस्थ्य व्यक्ति से एक यूनिट ब्लड दान कर सकता है। एक यूनिट में 250 एमएल ब्लड आता है।
डॉ. माधो बरनवाल ने बताया कि दूसरे देशों में रक्तदान के लिए लोग अपनी स्वेच्छा से आगे आते हैं और रक्दान करते हैं। आमतौर पर यहां देखा जाता है कि आकस्मिक दुर्घटना या जरूरत पड़ने पर दोस्त या परिवार के लोग रक्तदाता बन कर रक्तदान करते हैं। 18 से 60 साल तक एक स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकता है। सुगर, हेपेटाइटिस, ब्लड प्रेसर, एचआईबी आदि जांच की जाती है। अगर आप रक्तदान करने के लिए इच्छुक हैं तो इसी बहाने कई बीमारियों का पता लग जाता है। जिला चिकित्सालय के सीएमएस डा. राजेन्द्र कुमार ने कहा कि स्वस्थ्य व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए। रक्तदान के फायदे कई हैं।