राजकीय हाईस्कूल के शिक्षकों ने वेतन भुगतान के लिए कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। चेतावनी दी कि पांच माह से बकाए वेतन का भुगतान कराकर विभाग ने विसंगतियां दूर नहीं की तो शिक्षक बड़े पैमाने आंदोलन शुरू करने के लिए विवश होंगे।
शिक्षक ममता वर्मा ने डीएम को प्रार्थनापत्र देकर बताया कि राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत जिले में लगभग 36 राजकीय हाईस्कूल हैं। स्कूलों में तैनात शिक्षक और प्रधानाचार्यों को केंद्र सरकार की ओर से 60 और प्रदेश स्तर पर 40 फीसदी बजट का प्रावधान कर वेतन दिया जाता है। लगभग तीन-चार वर्ष से शिक्षकों को कभी एक तो कभी दो माह का वेतन भुगतान कर जिम्मेदार हाथ खींच ले रहे हैं। इससे शिक्षकों को परिवार का खर्च चलाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अगस्त 2021 से दिसंबर 2021 तक पांच माह का वेतन न मिलने से आर्थिक स्थिति पूरी तरह बिगड़ चुकी है। आरोप लगाया कि राजकीय हाईस्कूलों में तैनात शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार जानबूझकर किया जा रहा है। प्रदर्शन करने वालों में विपिन कुमार यादव, नीरज त्रिपाठी, पुष्पांजलि शर्मा, सरिता देवी, संजय पांडेय, राकेश कुमार, वीरेंद्र कुमार, सुशीला देवी, अनिल बिंद, ज्ञानेश्वर तिवारी, आरती यादव, अजय, सुरेशचंद्र आदि शामिल रहे।