सीतामढ़ी। कोनिया क्षेत्र को मुकम्मल बिजली आपूर्ति के लिए किए जाने वाले प्रबंध पर अधिकारी कितनी जिम्मेदारी से काम करते हैं इसका अंदाजा पांच वर्ष से बनकर तैयार फीडर को देखकर आसानी से लगाया जा सकता है। यहां करीब 12 किमी बिजली की लाइन बिछाने के बाद भी उससे आपूर्ति नहीं की जा रही है। ऐसे में लोगों को अब भी पहले जैसे अघोषित कटौती का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। क्षेत्रीय लोगों ने उच्चाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए नए फीडर से आपूर्ति कराने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार, तीन ओर गंगा से घिरे कोनिया क्षेत्र में लचर बिजली व्यवस्था से आम जनता त्रस्त है। बिजली विभाग की मनमानी का आलम यह है कि कोनिया की विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पांच वर्ष पहले विद्युत उपकेंद्र सीतामढ़ी से कोनिया के लिए एक नए फीडर की स्वीकृति मिली। नए फीडर को बनाने का कार्य शुरू हुआ तो लोगों को आस जगी की आबादी और क्षेत्रफल की दृष्टि से काफी बड़े कोनिया क्षेत्र को बिजली समस्या से मुक्ति मिल जाएगी। आनन फानन में फीडर बनाने का कार्य शुरू हुआ। जंगीगंज धनतुलसी सड़क की पटरी के किनारे किनारे हाईटेंशन लाइन के लिए खंभे और तार लगा कर लाइन भी बना दी गई। इस लाइन को बनाने में सैकड़ों हरे भरे वृक्षों को काफी नुकसान हुआ। आलम यह है कि विद्युत उप केंद्र सीतामढ़ी से लेकर धनतुलसी तक लगभग 12 किलोमीटर लंबी हाईटेंशन विद्युत लाइन बना दी गई है। उपकेंद्र से भूमिगत केबल डालकर दोहरे पोल पर कस दिया गया है, लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि लाइन तैयार हुए कई वर्ष बीत जाने के बावजूद भी नए फीडर से विद्युत आपूर्ति नहीं की जा रही है।