मतेथू गांव में सजा हजरत सैयद जलालुद्दीन शाह की दरगाह । संवाद
अभोली ब्लॉक के मतेथू स्थित हजरत सैयद जलालुद्दीन शाह की दरगाह पर बेहफईया मेले पर 140वें सालाना उर्स का आयोजन किया गया। दरगाह पर चादर चढ़ाने, मत्था टेकने और मन्नतें मांगने के लिए सैकड़ों की संख्या में जायरीन पहुंचे। परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया। जायरीनों ने दरगाह पर हाजिरी लगाई और अमन-चैन की दुआ मांगी। मेले में कुश्ती प्रतियोगिता, कव्वाली का आयोजन भी किया गया।
कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधान अब्दुल वहाब ने बताया कि दरगाह पर 140वां सालाना उर्स परंपरागत तरीके से मनाया गया। हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल बेहफईया मेला है। यह मेला आपसी सौहार्द और भाईचारे के लिए जाना जाता है। दोनों समुदायों की भागीदारी इस आयोजन को खास बनाती है। कुश्ती दंगल प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। पूर्वांचल के कई जिलों से आए पहलवानों ने अपना दमखम दिखाया। दर्शकों ने तालियां बजाकर पहलवानों का उत्साहवर्धन किया। उर्स की रात में आयोजित कव्वाली ने समा बांध दिया। कानपुर के शरीफ नवाज और बहराइच के शरीफ बाबरी के बीच कव्वाली का मुकाबला हुआ। मेले में सुरक्षा व्यवस्था भी चाक चौबंद रही। मेहंदी हसन, मनोज पांडेस, सुरेंद्र प्रताप सिंह, कैश सिद्दीकी, खादिम यूनुस, इम्तियाज, हसीब, सिद्दीकी अली आदि मौजूद रहे।