देवी आराधना के पवित्र पर्व शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन सोमवार को जगत जननी के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की उपासना की गई। इस नवरात्र में द्वितीया तिथि दो दिन पड़ने के कारण ब्रह्मचारिणी पूजन का दौर दो दिनों तक चला।
नवरात्र में देवी आराधना को लेकर जिले का कोना-कोना भक्तिभाव में लीन हो चला है। देवी मंदिरों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। दूसरी ओर पूजा पंडालों में भी नवरात्र पूजा की धूम मचने लगी है।
शारदीय नवरात्र के निमित्त जिले के देवी मंदिरों के अलावा अन्य देवालय और घर-घर में विधिविधान से आदिशक्ति की पूजा-अर्चना की जा रही है। सोमवार को देवी के द्वितीय स्वरूप ब्रह्मचारिणी की आराधना की गई। मां दुर्गा के इस स्वरूप को शांति और कर्मठता का प्रतीक माना जाता है, इसलिए साधकों ने माता सफेद और पीले वस्त्र धारण कर विधिपूर्वक मां की आराधना की। या देवि सर्वभूतेषु सृष्टिरूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नम: ...का मंत्रोच्चार पूरे दिन गूंजता रहा।
घरों में दुर्गा सप्तशती के पाठ हुए और नारियल-चुनरी चढ़ाकर सुख समृद्धि की कामना की गई। कलश स्थापित कर पूजा-अर्चना करने का सिलसिला भी अनवरत जारी है। ज्ञानपुर नगर से लगे घोपइला देवी धाम में नवरात्र में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। सोमवार को हजारों लोगों ने देवी दरबार में हाजिरी लगाई।
वैदिक मंत्रोच्चार और देवीगीतों से मंदिर परिसर और आसपास के इलाके भक्तिमय होते रहे। इस दौरान शेरावाली के जयकारे और घंटध्वनि भी लोगों को भाव विभोर करती रही। इसी तरह हरिहरनाथ धाम और शीतला मंदिर पर भी भक्तों की भीड़ लगी रही।
देवी मंदिरों पर भोर से ही दर्शन-पूजन करने वालों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया जो देर शाम तक जारी रहा। शाम को आरती की गई। घरों में सुबह-शाम दुर्गा सप्तशती पाठ गूंज रहे हैं। औराई, सुरियावां, चौरी, गोपीगंज, महाराजगंज, घोसिया, अभोली, दुर्गागंज, ऊंज, जंगीगंज, सीतामढ़ी आदि इलाकों में भी नवरात्र पूजा की धूम मची रही।