ज्ञानपुर। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में ऑपरेशन कॉरिडोर न होने से मरीजों को ऑपरेशन थिएटर से ऊबड़-खाबड़ रास्तों से इमरजेंसी वार्ड तक ले जाया जाता है। कॉरिडोर के लिए छह महीने पहले प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन मंजूरी नहीं मिल पाई है।
जिला चिकित्सालय में हर दिन 800 से 900 मरीजों की ओपीड़ी होती है। हर महीने 10-15 ऑपरेशन किए जाते हैं। ज्यादातर ऑपरेशन प्रसव से संबंधी होते हैं। जनरल सर्जरी के मामले कम ही आते हैं। आपरेशन के बाद मरीज को इमरजेंसी वार्ड में भेजना पड़ता है। जिला चिकित्सालय की बिल्डिंग पुरानी है। यहां संसाधनों की कमी है। ऑपरेशन थियेटर से इमरजेंसी की दूरी लगभग 80 मीटर है। यह रास्ता ऊबड़-खाबड़ है। चिकित्सकों का कहना है कि दोनों के बीच कॉरिडोर होना चाहिए। कॉरिडोर नहीं होने से आपरेशन के बाद मरीजों को परेशानी होती है।
वर्जन:
पूर्व में भेजा गया प्रस्ताव स्वीकृत नहीं हो सका। कॉरिडोर के लिए कार्ययोजना शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद काम शुरु किया जाएगा। पुरानी बिल्डिंग होने के कारण तमाम समस्याएं है, जिसे समाधान किया जा रहा है। डॉ. राजेंद्र कुमार, सीएमएस